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बुधवार को भूलकर भी न करें ये 5 कार्य; बुध दोष से बचने के लिए ज्योतिषियों ने जारी की विशेष परामर्श

The loktnatra

द लोकतंत्र : सनातन धर्म एवं ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सप्ताह का प्रत्येक दिन विशिष्ट ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश और सौरमंडल के राजकुमार माने जाने वाले बुध ग्रह को समर्पित है। बुध को बुद्धि, तर्क क्षमता, व्यापार एवं वाक-पटुता का कारक माना जाता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस दिन कुछ विशिष्ट वर्जनाओं का उल्लंघन किया जाता है, तो कुंडली में ‘बुध दोष’ प्रबल हो सकता है, जिसका सीधा प्रभाव व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और निर्णय क्षमता पर पड़ता है।

आर्थिक एवं व्यावसायिक वर्जनाएं: सावधानी ही समृद्धि

चूंकि बुध व्यापार का स्वामी है, अतः इस दिन वित्तीय फैसलों में अत्यधिक सजगता की आवश्यकता होती है।

  • ऋण संबंधी नियम: शास्त्रीय मान्यता है कि बुधवार को किया गया धन का आदान-प्रदान दीर्घकालिक वित्तीय संकट पैदा कर सकता है। इस दिन दिया गया उधार प्रायः डूब जाता है और लिया गया कर्ज मानसिक तनाव का कारण बनता है।
  • निवेश में धैर्य: व्यापारियों को परामर्श दिया जाता है कि इस दिन बिना विशेषज्ञ की सलाह के बड़ा पूंजी निवेश न करें। जल्दबाजी में किए गए सौदे हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं।

वाणी का संयम और दिशाशूल: शास्त्रीय दृष्टिकोण

बुध वाणी का कारक होने के कारण आज के दिन शब्दों का चयन आपके भाग्य को निर्धारित करता है।

  • वाचिक तपस्या: कटु वचन बोलना अथवा किसी का उपहास करना बुध को तत्काल कमजोर करता है। विशेषकर बहन, बेटी या कन्याओं का सम्मान करना इस दिन अनिवार्य है, अन्यथा बुध के साथ-साथ शुक्र की शुभता भी नष्ट हो जाती है।
  • यात्रा संबंधी निषेध: बुधवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करना ‘दिशाशूल’ माना गया है। यह कार्य की सफलता में बाधा उत्पन्न करता है। अनिवार्यता की स्थिति में गुड़ अथवा धनिया का सेवन करके प्रस्थान करना नकारात्मक प्रभावों को क्षीण करता है।

रंगों का विज्ञान एवं भविष्य का प्रभाव

  • ज्योतिष में रंगों का मनोवैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक महत्व अपरिमित है। बुधवार को काले रंग का त्याग कर हरे रंग को प्राथमिकता देनी चाहिए। हरा रंग प्रकृति, विकास और बुध की ऊर्जा का प्रतीक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दिन हरा रुमाल पास रखने मात्र से एकाग्रता में वृद्धि होती है। भविष्य के दृष्टिकोण से, जो व्यक्ति नियमित रूप से इन मर्यादाओं का पालन करते हैं, उनकी तार्किक क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति अन्यों की तुलना में अधिक प्रखर होती है।

निष्कर्षतः, बुधवार का दिन अनुशासन और बुद्धिमत्ता के संतुलन का है। विघ्नहर्ता गणेश की आराधना और इन पांच वर्जनाओं का पालन न केवल बुध दोष को शांत करता है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि के द्वार भी खोलता है। धार्मिक मान्यताओं को आधुनिक जीवनशैली में ढालना ही मानसिक शांति का सुगम मार्ग है।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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