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Hanuman Chalisa Path: किस समय पाठ करने से हनुमान जी होते हैं सबसे ज्यादा प्रसन्न? जानें ये 3 जादुई मुहूर्त

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द लोकतंत्र : सदियों से करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र रही ‘हनुमान चालीसा’ को डर, संकट और बाधाओं को दूर करने वाला अमोघ अस्त्र माना जाता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित इन 40 चौपाइयों में वह शक्ति है जो असंभव को भी संभव बना सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ करने का ‘समय’ उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसे पढ़ने का तरीका? ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, कुछ विशेष घंटों में किया गया पाठ आपकी प्रार्थना को सीधा बजरंगबली तक पहुँचाता है।

1. ब्रह्म मुहूर्त: दिव्यता और एकाग्रता का समय

सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले के समय को ‘ब्रह्म मुहूर्त’ कहा जाता है। इसे देवताओं का समय माना जाता है क्योंकि इस दौरान वातावरण सांसारिक शोर और अशुद्धियों से मुक्त होता है।

प्राचीन ऋषियों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार सबसे अधिक होता है। इस शांत समय में हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन की एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक शांति मिलती है। भोर की शांति में चालीसा का प्रत्येक श्लोक आपके भीतर सकारात्मकता और आत्मविश्वास भर देता है।

2. शनिवार की रात: शनि दोष से सुरक्षा का कवच

ज्योतिष शास्त्र में शनिवार का दिन कर्म और न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी ने शनि देव को बंधन मुक्त कराया था, जिससे प्रसन्न होकर शनि देव ने वचन दिया था कि वह हनुमान भक्तों को कभी कष्ट नहीं देंगे।

शनिवार की रात सोने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। जो लोग शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान हैं, उनके लिए यह अभ्यास एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। रात के समय पाठ करने से दिनभर का मानसिक तनाव दूर होता है और सुखद नींद आती है।

3. रविवार की सुबह: सफलता और नेतृत्व की प्राप्ति

रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित है, जो हनुमान जी के गुरु भी हैं। सूर्य देव शक्ति, तेज और आत्मविश्वास के प्रतीक हैं। रविवार की सुबह उगते सूरज को जल (अर्घ्य) देने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी है।

यह समय उन छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए श्रेष्ठ है जो परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। सूर्य की ऊर्जा और हनुमान जी की निर्भीकता मिलकर भक्त को जीवन के फैसलों में स्पष्टता और साहस प्रदान करती है।

अनुष्ठान और संकल्प की शक्ति

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इन अनुष्ठानों को अपनाकर कई लोग मानसिक शांति पा रहे हैं। आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने के लिए ’11 दिन तक प्रतिदिन 11 बार’ पाठ करने का संकल्प बहुत प्रभावी माना जाता है। वहीं, जो लोग दीर्घकालिक शांति और घर में समृद्धि चाहते हैं, वे 21 दिनों का अनुष्ठान कर सकते हैं।

विशेषकर ‘बड़ा मंगलवार’ या ‘हनुमान जयंती’ जैसे अवसरों पर सामूहिक रूप से चालीसा का पाठ करने से वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है। हनुमान चालीसा केवल एक पाठ नहीं, बल्कि जीवन की बाधाओं को साहस में बदलने का एक सरल मार्ग है।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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