द लोकतंत्र : अगर आप सोच रहे हैं कि सोने और चांदी की कीमतें अब थम जाएंगी, तो शायद आप गलत हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मची हलचल के बीच सोने और चांदी की चमक हर बीतते दिन के साथ और तेज होती जा रही है। मौजूदा हालात ये हैं कि 10 ग्राम (एक तोला) सोने का भाव ₹1,53,831 के नए ऑल टाइम हाई पर पहुँच गया है। वहीं, चांदी ने तो और भी बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और अब यह ₹3,26,487 प्रति किलो के स्तर को छू चुकी है।
एक साल में दिया छप्परफाड़ रिटर्न
आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने-चांदी ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। जिसने पिछले साल इस समय सोना खरीदा था, उसे आज करीब 80 फीसदी तक का मुनाफा मिल रहा है। तुलना के लिए, जहाँ बैंक एफडी (FD) में पैसा डबल होने में 7-8 साल लग जाते हैं, वहीं सोने ने महज एक साल में ही ऐसा रिटर्न दिया है जो बड़े-बड़े शेयर भी नहीं दे पाए।
क्यों लग रही है कीमतों में ‘आग’?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तेजी के पीछे कुछ बड़े वैश्विक कारण हैं:
- ग्रीनलैंड संकट: दुनिया के कुछ हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को डरा दिया है। जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, लोग शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में लगाना सुरक्षित समझते हैं।
- डॉलर और बॉन्ड्स की कमजोरी: अमेरिकी डॉलर का कमजोर पड़ना और जापान के सरकारी बॉन्ड्स में आई गिरावट ने भी गोल्ड की डिमांड बढ़ा दी है।
- ट्रेड वॉर की आशंका: अमेरिका और यूरोप के बीच संभावित ‘ट्रेड वॉर’ की खबरों ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे बड़े निवेशक सोने की ओर भाग रहे हैं।
चांदी क्यों बन रही है ‘रॉकेट’?
चांदी की तेजी तो सोने से भी ज्यादा डरावनी है। इसकी बड़ी वजह इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) और एआई (AI) सर्वर बनाने में चांदी का बहुत इस्तेमाल होता है। सप्लाई कम है और मांग बहुत ज्यादा, इसलिए भाव रुकने का नाम नहीं ले रहे। चर्चा तो यहाँ तक है कि चांदी जल्द ही ₹3.5 से ₹4 लाख प्रति किलो तक पहुँच सकती है।
क्या अब खरीदना सही है?
निवेशकों और आम जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस महंगे भाव पर खरीदारी करें या गिरावट का इंतज़ार करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ग्लोबल तनाव जारी रहा, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। हालांकि, अगर हालात सुधरते हैं, तो कीमतों में तेज गिरावट (Correction) भी आ सकती है।
- शादी-ब्याह के लिए: अगर घर में शादी है, तो एक साथ सारा सोना न खरीदें। जरूरत के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा करके खरीदारी करें।
- निवेशकों के लिए: एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय ‘सिप’ (SIP) की तरह धीरे-धीरे निवेश करें, ताकि अगर भाव गिरें भी तो आपको ज्यादा नुकसान न हो।
सोना और चांदी अब सिर्फ गहने नहीं, बल्कि सबसे मजबूत निवेश बनकर उभरे हैं। लेकिन बाजार के मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए समझदारी से कदम उठाना ही बेहतर होगा।

