द लोकतंत्र : आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, यानी आज पूरा देश ज्ञान और सुरों की देवी माँ सरस्वती का जन्मोत्सव ‘बसंत पंचमी’ मना रहा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, आज ही के दिन ब्रह्मा जी के मुख से बुद्धि की देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं।
यही वजह है कि छात्रों, कलाकारों और संगीतकारों के लिए आज का दिन किसी वरदान से कम नहीं है। अगर आप भी किसी प्रतियोगी परीक्षा (Competitive Exam) की तैयारी कर रहे हैं या पढ़ाई में एकाग्रता चाहते हैं, तो शास्त्रों में आज के लिए कुछ बेहद सरल और असरदार उपाय बताए गए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
1. जादुई ‘पीली कलम’ का उपाय
अगर आप किसी बड़ी परीक्षा या इंटरव्यू की तैयारी कर रहे हैं, तो आज एक नई पीले रंग की कलम (Pen) खरीदें। इस कलम को माँ सरस्वती की मूर्ति या फोटो के सामने रखें। अब हल्दी, रोली और अक्षत से कलम की पूजा करें। पूजा के बाद इसे माँ का प्रसाद मानकर अपने पास रख लें। माना जाता है कि परीक्षा के दौरान इस कलम का उपयोग करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और माँ सरस्वती की कृपा से कलम सही दिशा में चलती है।
2. संगम स्नान और ‘विद्या दान’ का फल
आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का बहुत महत्व है। विशेष रूप से प्रयागराज के संगम में तीन डुबकी लगाकर दान-पुण्य करने से बुद्धि प्रखर होती है। यदि आप नदी किनारे नहीं जा सकते, तो घर में ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
इसके साथ ही, आज किसी जरूरतमंद गरीब बच्चे को कॉपी, पेन या उसकी पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद (फीस) देना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। माँ सरस्वती को ‘विद्या का दान’ सबसे ज्यादा प्रिय है।
3. पीले रंग का प्रभाव और विशेष मंत्र
आज के दिन पीले रंग का सबसे ज्यादा महत्व है क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
- पहनावा और भोग: आज सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र पहनें। माँ सरस्वती को पीले फूल (गेंदा या सरसों), पीली मिठाई और पीले फल अर्पित करें।
- सफलता का मंत्र: पूजा के समय मन को शांत रखकर ‘ह्रीं वाग्देव्यै ह्रीं ह्रीं’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे मानसिक शांति मिलती है और याद करने की शक्ति बढ़ती है।
क्यों खास है आज का दिन?
बसंत पंचमी का दिन न केवल ज्ञान का है, बल्कि यह प्रकृति के नए जन्म का भी प्रतीक है। आज से ही ऋतुराज बसंत की शुरुआत होती है, जो चारों ओर खुशहाली लेकर आती है। छात्रों को आज के दिन अपनी किताबों और कलम का सम्मान करना चाहिए और मन में नकारात्मक विचारों को नहीं आने देना चाहिए।

