द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र के चौथे दिन सोमवार, 2 फरवरी 2026 को लोकसभा में उस वक्त भारी हंगामा देखने को मिला, जब डोकलाम मुद्दे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच तीखी बहस छिड़ गई। विवाद तब बढ़ा जब राहुल गांधी ने एक पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरण के मसौदे से कुछ अंश पढ़ने की कोशिश की, जिस पर सत्तापक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में भाग ले रहे थे। अपने भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के बयान का हवाला देते हुए सरकार पर पलटवार किया। राहुल गांधी का कहना था कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस की देशभक्ति और चरित्र पर सवाल खड़े किए हैं, इसलिए वे एक पूर्व सेना प्रमुख के उस संस्मरण का अंश पढ़ना चाहते हैं, जो एक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
तेजस्वी सूर्या के बयान से भड़का विवाद
तेजस्वी सूर्या ने सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषणों का हवाला देते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है, जबकि यूपीए शासन के 10 वर्षों को उन्होंने ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ का दौर बताया। उन्होंने 2009 से 2013 के राष्ट्रपति अभिभाषणों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय देश आंतरिक सुरक्षा और विकास की चुनौतियों से जूझ रहा था, जबकि आज भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।
तेजस्वी सूर्या ने आगे कहा कि यूपीए सरकार आतंकवाद से निपटने में विफल रही, जबकि मौजूदा सरकार ने सैन्य कार्रवाइयों के जरिए कड़ा जवाब दिया। उन्होंने नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या घटने का भी दावा किया। इस पर कांग्रेस सांसद हिबी इडेन ने आपत्ति जताई, जिसके बाद अमित शाह खड़े हुए और कहा कि तेजस्वी सूर्या राष्ट्रपति के अभिभाषण के संदर्भ में बोल रहे हैं।
पूर्व आर्मी चीफ की किताब का जिक्र, हंगामा तेज
तेजस्वी सूर्या के आरोपों का जवाब देने के लिए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने का अधिकार है और वे पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की किताब का हवाला देना चाहते हैं। जैसे ही उन्होंने उस किताब के अंश पढ़ने की कोशिश की, सदन में सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच जोरदार नोकझोंक शुरू हो गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी से कई बार अपील की कि वे किसी पुस्तक या पत्रिका को सदन में कोट नहीं कर सकते। बावजूद इसके, राहुल गांधी चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का मुद्दा उठाने पर अड़े रहे और दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से जुड़े अहम पहलुओं का उल्लेख किया है। इस पर राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
अमित शाह और राजनाथ सिंह का बचाव
गतिरोध के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद थे। जैसे ही राहुल गांधी ने किताब का हवाला देना जारी रखा, राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि जिस पुस्तक का उल्लेख किया जा रहा है, वह प्रकाशित हुई है या नहीं। अमित शाह ने भी कहा कि सदन में पुस्तक या पत्रिका की सामग्री नहीं पढ़ी जा सकती और नेता प्रतिपक्ष को संसदीय नियमों का पालन करना चाहिए।
स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी से कहा कि वे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ही अपनी बात रखें। जब राहुल गांधी किताब के अंश सदन के पटल पर रखने पर अड़े रहे, तो अध्यक्ष ने टिप्पणी की कि वे लगातार आसन की अवमानना कर रहे हैं। इस पर राहुल गांधी ने सफाई दी कि वे आसन को चुनौती नहीं दे रहे, बल्कि चीन के साथ भारत के संबंधों पर चर्चा करना चाहते हैं।

