द लोकतंत्र : वेजिटेरियन और वीगन डाइट फॉलो करने वालों के लिए स्प्राउट्स यानी अंकुरित अनाज किसी वरदान से कम नहीं हैं। प्रोटीन, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण इसे ‘सुपरफूड’ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस स्प्राउट्स को आप अपनी सेहत बनाने के लिए खा रहे हैं, वही आपको बीमार भी कर सकता है?
आज 6 मार्च 2026 की इस खास रिपोर्ट में हम उन आम गलतियों के बारे में बात करेंगे, जो अक्सर लोग स्प्राउट्स बनाने या खाने के दौरान करते हैं। फिटनेस फ्रीक लोग ध्यान दें, क्योंकि ये छोटी गलतियां आपकी इम्यूनिटी पर भारी पड़ सकती हैं।
1. सफाई में लापरवाही और पुराना पानी
अक्सर लोग अनाज को एक बार धोकर अंकुरित होने के लिए रख देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। दालों और अनाजों पर कई तरह के बैक्टीरिया हो सकते हैं।
- टिप: अनाज को कम से कम 3-4 बार साफ पानी से धोएं।
- पानी बदलें: स्प्राउटिंग के दौरान हर 6 घंटे में पानी बदलना जरूरी है। एक ही पानी में लंबे समय तक रहने से उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और बदबू आने लगती है।
2. कच्चे स्प्राउट्स खाने की जिद
ज्यादातर लोग स्प्राउट्स को कच्चा ही खाते हैं, यह सोचकर कि इसमें ज्यादा पोषण है। लेकिन अगर आपका डाइजेशन (पाचन) कमजोर है या आपकी इम्यूनिटी कम है, तो कच्चा स्प्राउट आपको पेट दर्द या इन्फेक्शन दे सकता है।
- समाधान: स्प्राउट्स को हल्का स्टीम (भाप में पकाना) करके खाना सबसे सुरक्षित तरीका है। इससे हानिकारक बैक्टीरिया मर जाते हैं और यह पचने में भी आसान हो जाता है।
3. ज्यादा दिनों तक स्टोर करना
स्प्राउट्स बनाने में समय लगता है, इसलिए कई लोग एक साथ ढेर सारा बनाकर फ्रिज में रख देते हैं। ध्यान रहे कि स्प्राउट्स को 24 से 48 घंटे के भीतर खाकर खत्म कर देना चाहिए। इससे ज्यादा पुराना होने पर इसमें नमी के कारण खतरनाक फंगस या बैक्टीरिया लग सकते हैं।
4. बाजार से खरीदे हुए स्प्राउट्स
समय बचाने के लिए लोग मार्केट से पैकेट बंद स्प्राउट्स खरीदते हैं। हमें यह नहीं पता होता कि उन्हें कितने पुराने पानी में उगाया गया है या वे कितने फ्रेश हैं। कोशिश करें कि स्प्राउट्स हमेशा घर पर ही तैयार करें ताकि आप उनकी शुद्धता को लेकर निश्चिंत रहें।
5. स्मेल और रंग को इग्नोर करना
स्प्राउट्स खाने से पहले उन्हें सूंघना (Smell) बहुत जरूरी है। अगर उनमें से हल्की सी भी अजीब या तीखी बदबू आ रही है, तो उन्हें तुरंत फेंक दें। साथ ही, अगर अंकुरित अनाज चिपचिपा महसूस हो या उसका रंग बदल गया हो, तो वह खाने लायक नहीं रह जाता।
स्प्राउट्स ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत हैं, बशर्ते उन्हें सही तरीके से तैयार किया जाए। सफाई और सही स्टोरेज का ध्यान रखकर आप इसके सभी पोषक तत्वों का लाभ उठा सकते हैं और बीमारियों से बच सकते हैं।

