द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : काठमांडू के मेयर बालेन शाह नेपाल की राजनीति में तेजी से उभरते नेता बन गए हैं। स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मेयर बनने के बाद अब वे प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे युवा दावेदार माने जा रहे हैं। नेपाल की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में एक नया और अप्रत्याशित चेहरा तेजी से उभरा है। काठमांडू के मेयर Balendra Shah, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘बालेन शाह’ के नाम से जाना जाता है, अब देश के प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदारों में शामिल हो गए हैं।
साल 2022 में बालेन शाह ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर नेपाल की पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती दी थी। उन्होंने चुनाव में 61,767 वोट हासिल कर बड़ी जीत दर्ज की थी। उनके मुकाबले Sirjana Singh को 38,341 वोट मिले, जबकि पूर्व मेयर और Keshav Sthapit को 38,117 वोटों पर संतोष करना पड़ा। सिर्फ चार साल में ही बालेन शाह स्थानीय नेता से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में पहुंच गए हैं। 35 वर्षीय नेता अब नेपाल के इतिहास के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में शामिल होने की संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
इंजीनियर से मेयर तक का सफर
बालेन शाह का राजनीतिक सफर अचानक नहीं था। वे पहले नेपाल के अंडरग्राउंड रैप सीन से जुड़े रहे और 2013 में रैप बैटल लीग ‘Raw Barz’ के जरिए लोकप्रिय हुए। हालांकि इसके बाद उन्होंने राजनीति में उतरने से पहले करीब ढाई साल तक रणनीतिक तैयारी की। शाह ने Kathmandu University में उच्च शिक्षा प्राप्त की और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके अलावा उन्होंने भारत में भी स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। उनकी तकनीकी पृष्ठभूमि और साफ छवि ने उन मतदाताओं को आकर्षित किया जो पारंपरिक राजनीतिक दलों से निराश थे।
नेपाल में राजनीतिक संकट और विरोध प्रदर्शनों के दौरान जब सरकार पर दबाव बढ़ा, तब कई युवा कार्यकर्ताओं ने बालेन शाह को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए आगे आने का आग्रह किया था। हालांकि उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश Sushila Karki का समर्थन किया। इसे उनके दीर्घकालिक राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में देखा गया।
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ रहा क़द
जनवरी 2026 में बालेन शाह ने औपचारिक रूप से Rastriya Swatantra Party (RSP) की सदस्यता ली और इसके बाद प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सक्रिय हो गए। उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए झापा-05 सीट चुनी, जो लंबे समय से नेपाल के प्रमुख नेता KP Sharma Oli का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बालेन शाह की लोकप्रियता, खासकर युवाओं के बीच, पारंपरिक नेताओं के प्रभाव को चुनौती दे रही है। सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी मौजूदगी भी उनकी राजनीतिक ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फेसबुक पर उनके 35 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जिनके जरिए वे सीधे जनता से संवाद करते हैं। हालांकि उनके बेबाक और कभी-कभी विवादित बयानों ने उन्हें आलोचनाओं का सामना भी कराया है।
नेपाल की राजनीति इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन शाह जैसे युवा नेताओं का उभार देश में नई राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत का संकेत हो सकता है, जहां पारंपरिक राजनीतिक ढांचे को नई चुनौतियां मिल रही हैं।

