द लोकतंत्र/ कोलकाता : West Bengal Election 2027 की मतगणना से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। 4 मई को होने वाली काउंटिंग से पहले पार्टी ने 2 मई को कोलकाता में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक बुलाई है। इस बैठक में उन प्रवासी नेताओं को शामिल किया जाएगा, जिन्हें चुनाव के दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों और जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पार्टी इन नेताओं को मतगणना के दिन अहम भूमिका देने की तैयारी कर रही है, ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो।
इस हाई-लेवल बैठक में बीजेपी के पश्चिम बंगाल प्रभारी सुनील बंसल और चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी शामिल होंगे। दोनों नेता पहले से ही राज्य में मौजूद हैं और लगातार संगठनात्मक बैठकों के जरिए काउंटिंग की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।
लगातार बैठकों से काउंटिंग की तैयारी तेज
मतदान खत्म होने के बाद से ही बीजेपी ने अपनी रणनीति को और धार देना शुरू कर दिया है। 30 अप्रैल को कोलकाता में सुनील बंसल और भूपेंद्र यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर मतदान से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट ली। इसके बाद 1 मई को सिलीगुड़ी में स्थानीय नेताओं और काउंटिंग एजेंट्स के साथ बैठक कर उन्हें मतगणना प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया गया।
अब 2 मई को कोलकाता में होने वाली बैठक में प्रवासी नेताओं के साथ अंतिम रणनीति तय की जाएगी। इन नेताओं को निर्देश दिया जाएगा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर काउंटिंग के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखें। साथ ही वे अपने इलाकों की ग्राउंड रिपोर्ट और फीडबैक भी साझा करेंगे, जिससे पार्टी को वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी।
करीबी मुकाबले के बीच हर राउंड पर नजर
बीजेपी के लिए यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि बंगाल की कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी बताया जा रहा है। पार्टी का फोकस बूथ स्तर से लेकर काउंटिंग सेंटर तक हर व्यवस्था को मजबूत करना है। एजेंट्स की तैनाती, हर राउंड की निगरानी और डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर इस बैठक में विस्तार से चर्चा होगी।
एग्जिट पोल्स में बीजेपी को बढ़त मिलने के बाद पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी योजनाओं और जमीनी पकड़ के दम पर वापसी का दावा कर रही है। ऐसे में 4 मई की मतगणना से पहले यह बैठक बीजेपी की अंतिम रणनीतिक तैयारी मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में सियासी मुकाबला बेहद रोमांचक हो चुका है और अब सभी की नजरें काउंटिंग डे पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाएगी।

