द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : लोकसभा में बुधवार को स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज हो गया। इस प्रस्ताव को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखे सवाल उठाए और चीन से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के रवैये की आलोचना की।
गृह मंत्री ने बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब डोकलाम में भारतीय सेना और चीनी सेना आमने-सामने खड़ी थीं, उसी समय विपक्ष के शीर्ष नेता चीन के दूतावास में गुप्त बैठक कर रहे थे। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े ऐसे समय में इस तरह की गतिविधियों पर विपक्ष को जवाब देना चाहिए।
अमित शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान चीन ने अक्साई चीन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कहा गया था कि वहां घास का एक तिनका भी नहीं उगता। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को देश की सीमाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।
राजीव गांधी फाउंडेशन और चीन को लेकर कांग्रेस पर सवाल
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने भाषण में राजीव गांधी फाउंडेशन को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005-06 में इस फाउंडेशन को चीनी दूतावास से करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये का दान मिला था। शाह ने कहा कि इस मामले में विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (FCRA) के तहत कार्रवाई करते हुए फाउंडेशन का लाइसेंस रद्द किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया था और पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उस समझौते की शर्तें क्या थीं। शाह ने कहा कि देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि उस समझौते के पीछे क्या उद्देश्य था।
बोलने का मौका न मिलने के आरोप पर भी जवाब
सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा यह आरोप लगाए जाने पर कि उन्हें बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता, गृह मंत्री अमित शाह ने आंकड़ों के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 17वीं लोकसभा में कांग्रेस के 52 सांसदों को कुल 157 घंटे 55 मिनट का समय मिला था, जबकि बीजेपी के 303 सांसदों को 349 घंटे 8 मिनट का समय दिया गया था।
शाह ने बताया कि 18वीं लोकसभा में भी कांग्रेस के 99 सांसदों को अब तक लगभग 71 घंटे बोलने का मौका मिला है, जबकि बीजेपी के 239 सांसदों को करीब 122 घंटे का समय मिला। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस यह आरोप लगा रही है कि उसे बोलने का मौका नहीं दिया जाता।
स्पीकर की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को बताया गलत
अमित शाह ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने और उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाने को भी अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि जब ओम बिरला को स्पीकर चुना गया था, तब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने मिलकर उन्हें आसन तक पहुंचाया था।
शाह ने कहा कि संसद की कार्यवाही में स्पीकर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और लोकसभा के नियमों के अनुसार उनके निर्णय अंतिम माने जाते हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह संसदीय परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

