द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए और राज्य के उपभोक्ताओं से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में बिजली लोगों की बुनियादी जरूरत बन चुकी है। हालांकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई परिवार समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे उन पर सरचार्ज बढ़ता जाता है और कुल बकाया राशि भारी हो जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह राहत योजना लागू की है।
सरकार के अनुसार इस योजना से राज्य के लगभग 28.42 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा और कुल मिलाकर 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना खास तौर पर कम और मध्यम आय वाले परिवारों तथा किसानों के लिए राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से बिजली बिल का बकाया भुगतान नहीं कर पाए हैं।
सरचार्ज में 100% और मूल बकाया में 75% तक छूट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान कई उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई थी, जिसके कारण बिजली बिल का भुगतान समय पर नहीं हो सका। इसी कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं पर बकाया राशि बढ़ती चली गई। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, ताकि लोगों को वित्तीय राहत मिल सके।
इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को सरचार्ज पर 100 प्रतिशत छूट और मूल बकाया राशि पर 75 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की हैं –
- 31 मार्च 2023 तक के निष्क्रिय उपभोक्ता,
- सक्रिय सिंगल-बल्ब कनेक्शन वाले उपभोक्ता,
- सक्रिय गैर-सरकारी घरेलू और कृषि उपभोक्ता।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराना होगा और रजिस्ट्रेशन के समय कुल बकाया का कम से कम 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा। शेष राशि बाद में किस्तों में जमा की जा सकेगी और उस पर कोई अतिरिक्त सरचार्ज नहीं लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। उन्होंने लोगों से बिजली की बचत करने और अनावश्यक खपत से बचने की अपील भी की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव आए हैं और हजारों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने संसाधनों के बल पर लगभग 30,000 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित कर रहा है और राज्य सरकार निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

