द लोकतंत्र : हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 14 मार्च की अर्द्धरात्रि (यानी 15 मार्च की शुरुआत) में जैसे ही सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे, ‘खरमास’ या ‘मलमास’ की शुरुआत हो जाएगी। यह समय 14 अप्रैल तक रहेगा। इस दौरान सूर्य अपने मित्र गुरु की राशि मीन में गोचर करेंगे, जहाँ पहले से ही शनि देव विराजमान हैं।
श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा के अनुसार, मीन राशि में शुक्र, शनि और सूर्य के मिलने से ‘त्रिग्रही योग’ बनेगा। हालांकि मित्र राशि में सूर्य का आना अच्छा है, लेकिन खरमास के कारण अगले एक महीने तक शादी, सगाई और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
क्यों वर्जित होते हैं मांगलिक कार्य?
ज्योतिष शास्त्र में मीन संक्रांति का विशेष महत्व है। जब सूर्य देव अपने गुरु बृहस्पति की राशियों (धनु और मीन) में जाते हैं, तो वे गुरु की सेवा में रहते हैं। इस वजह से उनकी ऊर्जा सांसारिक कार्यों के बजाय आध्यात्मिक कार्यों की ओर मुड़ जाती है। इसी कारण इस महीने में विवाह, नामकरण, मुंडन, वास्तु पूजन और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते।
सूर्य-शनि की युति: शुभ या अशुभ?
15 मार्च से मीन राशि में सूर्य और शनि की युति होने जा रही है। ज्योतिष में सूर्य (पिता) और शनि (पुत्र) के बीच शत्रुता का भाव माना जाता है, इसलिए इस युति को बहुत शुभ नहीं कहा गया है। इसके प्रभाव से पारिवारिक कलह और सामाजिक जीवन में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
राशियों पर कैसा होगा असर?
1. इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत (शुभ): वृष, मिथुन, तुला और मकर राशि वालों के लिए यह समय शानदार रहेगा। आपको नौकरी और बिजनेस में तरक्की मिलेगी। रुका हुआ धन वापस आ सकता है और भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। वैवाहिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी।
2. इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान (अशुभ): मेष, सिंह, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए यह गोचर मुश्किलें बढ़ा सकता है। काम में रुकावटें, अधिकारियों से अनबन और मानसिक तनाव होने की आशंका है। धन हानि से बचने के लिए निवेश में सावधानी बरतें और अपनी सेहत का खास ख्याल रखें।
3. इनके लिए समय रहेगा मिला-जुला (सामान्य): कर्क, कन्या, वृश्चिक और धनु राशि वालों के लिए कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। आप जितनी मेहनत करेंगे, उतना ही फल पाएंगे। लेन-देन के मामलों में सावधानी रखें और जोखिम भरे फैसलों से बचें।
खरमास के दौरान करें ये उपाय
अगर आपकी राशि पर सूर्य का अशुभ प्रभाव है, तो ये आसान उपाय आपको राहत दे सकते हैं:
- सूर्य देव की पूजा: रोज सुबह सूर्योदय से पहले उठें और उगते सूरज को अर्घ्य दें।
- भगवान विष्णु और राम की उपासना: इस माह में श्री हरि विष्णु और भगवान राम की पूजा विशेष फलदायी होती है।
- आदित्य हृदय स्तोत्र: रोज इस स्तोत्र का पाठ करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलती है।
- सम्मान: अपने पिता और बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें। रविवार को मीठा खाकर ही घर से निकलें।
खरमास का समय आत्म-चिंतन और ईश्वर की भक्ति के लिए सबसे उत्तम है। भले ही बाहरी मांगलिक कार्य बंद हों, लेकिन दान-पुण्य और आध्यात्मिक प्रगति के लिए यह एक सुनहरा महीना है।

