द लोकतंत्र : अगर आप आने वाले दिनों में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम जैसे चेक क्लियरेंस या केवाईसी (KYC) कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, मार्च का अगला सप्ताह छुट्टियों से भरा रहने वाला है। अलग-अलग त्योहारों और क्षेत्रीय आयोजनों के कारण देश के कई शहरों में कुल 4 दिन बैंक बंद रहेंगे।
आज 15 मार्च 2026 की इस रिपोर्ट में हम आपको बता रहे हैं कि अगले हफ्ते किस दिन और किन शहरों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी।
17 मार्च: शब-ए-कद्र की छुट्टी
हफ्ते की शुरुआत में ही 17 मार्च, मंगलवार को जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे। यहाँ ‘शब-ए-कद्र’ के मौके पर छुट्टी का ऐलान किया गया है। हालांकि, देश के अन्य हिस्सों में बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे।
19 मार्च: गुड़ी पड़वा और नवरात्रि की धूम
19 मार्च, गुरुवार को देश के कई बड़े शहरों में बैंकों के ताले नहीं खुलेंगे। इस दिन गुड़ी पड़वा, उगादी, तेलुगु नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन का उत्सव मनाया जाएगा।
- प्रभावित शहर: बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, नागपुर, पणजी, बेलापुर, इंफाल, जम्मू, श्रीनगर और विजयवाड़ा।
20 मार्च: ईद-उल-फित्र (जुमात-उल-विदा)
20 मार्च, शुक्रवार को ईद-उल-फित्र (जुमात-उल-विदा) के उपलक्ष्य में जम्मू, श्रीनगर, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और विजयवाड़ा जैसे शहरों में बैंक बंद रहने वाले हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले ग्राहकों को अपना जरूरी काम पहले ही निपटा लेना चाहिए।
21 मार्च: रमजान-ईद का त्योहार
21 मार्च, शनिवार को पूरे देश में रमजान-ईद (ईदु’ल फितर) का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर लगभग सभी प्रमुख शहरों में बैंकों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
ऑनलाइन सेवाएं रहेंगी चालू
भले ही बैंकों की शाखाएं बंद रहें, लेकिन डिजिटल बैंकिंग के दौर में आपके काम नहीं रुकेंगे। छुट्टियों के दौरान भी निम्नलिखित सेवाएं जारी रहेंगी:
- मोबाइल और नेट बैंकिंग: आप कभी भी ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।
- ATM सेवाएं: पैसे निकालने या जमा करने के लिए एटीएम खुले रहेंगे।
- यूपीआई (UPI): गूगल पे, फोन पे और पेटीएम जैसी सेवाएं 24×7 काम करेंगी।
बैंक जाने से पहले आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट या अपने बैंक की शाखा से छुट्टियों की पुष्टि जरूर कर लें। अगर आपका कोई बहुत जरूरी काम है, तो उसे कल ही निपटाना बेहतर रहेगा ताकि बाद में आपको परेशानी न झेलनी पड़े।

