द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में घुसपैठ का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह हर चुनाव से पहले इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश करती है।
पवन खेड़ा ने कहा कि बीजेपी पिछले कई वर्षों से सत्ता में है, इसके बावजूद वह बार-बार अवैध प्रवासियों का मुद्दा उठाती रहती है। उन्होंने दावा किया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान देशभर में हजारों अवैध प्रवासियों को वापस भेजा गया था, जबकि मौजूदा सरकार के दौरान यह संख्या काफी कम रही है।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि हर चुनाव के समय बांग्लादेश और घुसपैठ जैसे मुद्दों को उठाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जाती है। उनके अनुसार, सरकार को इस विषय पर केवल बयान देने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
अमित शाह का कांग्रेस पर आरोप, चुनावी मुकाबला हुआ तेज
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम में घुसपैठ की समस्या बढ़ी और राज्य को अवैध प्रवासियों का केंद्र बना दिया गया। अमित शाह ने दावा किया कि मौजूदा राज्य सरकार ने अवैध कब्जों से बड़ी मात्रा में जमीन मुक्त कराई है। उन्होंने कहा कि अगर जनता एक बार फिर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को मौका देती है तो घुसपैठ के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच चुनाव आयोग ने असम सहित पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। असम में सभी 126 सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। राज्य में इस बार मुकाबला मुख्य रूप से सत्तारूढ़ बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस सरकार बदलने के लक्ष्य के साथ चुनावी मैदान में उतरी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से चुनावी राजनीति का अहम हिस्सा रहा है और इस बार भी चुनावी बहस में इसकी बड़ी भूमिका देखने को मिल सकती है।

