द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुवाहाटी में असम सरकार की कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे। शाह ने कहा कि यह पहल केवल असम के लिए ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले पूर्वोत्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद कमजोर थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसमें तेजी से सुधार हुआ है। शाह के अनुसार राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में सरकारी अस्पतालों का निर्माण किया है और कई नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों को भी चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस अस्पताल बनाए जा रहे हैं ताकि गंभीर बीमारियों का इलाज भी यहीं संभव हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि असम देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जहां सरकारी अस्पताल में अत्याधुनिक प्रोटॉन थेरेपी की सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। शाह ने इस दौरान कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, गोलाघाट कैंसर सेंटर, तिनसुकिया कैंसर सेंटर, डिफू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, बरपेटा मेडिकल कॉलेज तथा जोरहाट मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इसके साथ ही सिक्स माइल स्वास्थ्य भवन और अभयापुरी जिला अस्पताल की आधारशिला भी रखी गई।
विपक्ष पर हमला, राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर भी टिप्पणी
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकारों ने स्वास्थ्य सेवाओं के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। शाह ने कहा कि मौजूदा सरकार ने स्वास्थ्य बजट को बढ़ाकर लगभग दोगुना कर दिया है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी तेजी से बढ़ाई गई है।
उन्होंने कहा कि पहले राज्य में केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर चौदह हो गई है और आगे और कॉलेज स्थापित करने की योजना है। मेडिकल सीटों की संख्या भी बढ़ाकर लगभग ढाई गुना कर दी गई है। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य असम को स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है ताकि मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत न पड़े।
इसके अलावा उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी आलोचना की। शाह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन उसका समय और स्थान भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद जैसे महत्वपूर्ण मंच की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत तेजी से नई तकनीकों और उद्योगों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में देश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। शाह के अनुसार असम में स्थापित होने जा रहा सेमीकंडक्टर प्लांट इस दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

