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जेडीयू से दूरी या नई सियासी शुरुआत? केसी त्यागी बोले – 50 साल साथ रहा, नीतीश से रिश्ता टूटा नहीं

Distancing from the JD(U) or a New Political Beginning? KC Tyagi Says: "I Stood by Them for 50 Years; My Bond with Nitish Remains Unbroken."

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने पार्टी से दूरी बनाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि हालिया सदस्यता अभियान के दौरान अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया।

मीडिया से बातचीत में त्यागी ने कहा कि उनका और पार्टी का रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि लगभग 50 वर्षों तक वे इस राजनीतिक धारा के साथ जुड़े रहे हैं और व्यक्तिगत संबंध अब भी कायम हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी में उनकी सक्रिय भूमिका अब पहले जैसी नहीं रही है। त्यागी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह सिर्फ दूरी है या किसी बड़े सियासी बदलाव की भूमिका तैयार की जा रही है।

यूपी की राजनीति में सक्रिय होने के संकेत

केसी त्यागी ने साफ किया कि अब उनका फोकस उत्तर प्रदेश की राजनीति पर हो सकता है। उन्होंने बताया कि 22 मार्च को दिल्ली के मावलंकर हॉल में अपने सहयोगियों और शुभचिंतकों के साथ बैठक करेंगे, जहां वे आगे की रणनीति का ऐलान कर सकते हैं।

उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वे जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से लेकर जनता पार्टी, लोकदल और कर्पूरी ठाकुर के नेतृत्व में सक्रिय रहे हैं। उनके अनुसार, समाजवादी आंदोलन के प्रमुख नेताओं में अब केवल नीतीश कुमार ही बचे हैं, जो अब बिहार की राजनीति से हटकर राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हो रहे हैं।

त्यागी ने यह भी कहा कि पार्टी में पुराने साथियों की संख्या कम हो गई है, जिसके चलते उनकी भूमिका सीमित हो गई थी। यही वजह है कि वे अब नए राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और खुद को अधिक सक्रिय भूमिका में देखना चाहते हैं। गौरतलब है कि कुछ समय पहले केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग भी उठाई थी। वहीं, पार्टी के कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से यह सवाल भी उठाया था कि त्यागी की पार्टी में सक्रियता कितनी बची है।

अब उनके इस कदम को जेडीयू से अलग राह पकड़ने के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में 22 मार्च की बैठक के बाद उनकी अगली राजनीतिक दिशा स्पष्ट हो सकती है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

यह भी पढ़ें : ईरान जंग पर अमेरिका में बगावत! टॉप अफसर का इस्तीफा, ट्रंप को लिखी चिट्ठी में उठाए बड़े सवाल

Team The Loktantra

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