द लोकतंत्र : अगर आप भी गूगल पे, फोनपे या नेट बैंकिंग के जरिए धड़ल्ले से ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 1 अप्रैल से डिजिटल भुगतान के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब आपका पुराना पिन या पासवर्ड अकेले आपके पैसों की सुरक्षा नहीं कर पाएगा।
अब ‘डबल सुरक्षा’ का होगा पहरा
आरबीआई के नए नियमों के मुताबिक, अब हर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ यानी दो चरणों वाली पहचान अनिवार्य होगी। अभी तक हम अक्सर एक ही पिन डाल कर पेमेंट कर देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
अब हर पेमेंट को पूरा करने के लिए आपको दो अलग-अलग तरह की सुरक्षा जांच से गुजरना होगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर किसी को आपका पासवर्ड पता भी चल जाए, तो भी वह आपके खाते से पैसे नहीं निकाल पाएगा।
हर बार बदलेगा सिक्योरिटी कोड
अक्सर हैकर्स पुराने और एक ही जैसे पिन को ट्रैक कर लेते थे। अब बैंकों और फिनटेक कंपनियों को ‘डायनेमिक’ सुरक्षा विकल्प देने होंगे। आसान शब्दों में कहें तो, अब हर बार ट्रांजेक्शन करते समय एक नया कोड या ओटीपी (OTP) जेनरेट होगा।
ग्राहक अपनी पसंद और सुविधा के हिसाब से सुरक्षा के तरीके चुन सकेंगे। जैसे—ओटीपी के साथ पिन डालना, फिंगरप्रिंट (बायोमीट्रिक) के साथ डिवाइस को लिंक करना या फिर टोकन बेस्ड सिस्टम का इस्तेमाल करना। इससे ऑनलाइन पेमेंट का पूरा सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा भरोसेमंद हो जाएगा।
धोखाधड़ी और फिशिंग पर लगेगी लगाम
इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा आम जनता को होगा। आजकल फिशिंग और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। नया नियम आने के बाद बिना आपके फिंगरप्रिंट या हर बार आने वाले नए ओटीपी के बिना कोई भी लेन-देन मुमकिन नहीं होगा।
यह सुरक्षा चक्र सिर्फ देश के अंदर ही नहीं, बल्कि विदेशी ट्रांजेक्शन पर भी लागू होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे 1 अक्टूबर से पूरी तरह लागू करने की योजना है, जिससे विदेश यात्रा या विदेशी वेबसाइट्स पर पेमेंट करना भी सुरक्षित हो जाएगा।
क्या आपको कुछ करना होगा?
जल्द ही आपका बैंक या पेमेंट ऐप आपको इस नई व्यवस्था के लिए अपडेट भेजेगा। आपको बस अपने ऐप को अपडेट करना होगा और अपनी पसंद का दूसरा सुरक्षा विकल्प (जैसे फिंगरप्रिंट या फेस लॉक) चुनना होगा। 1 अप्रैल से पहले इन सेटिंग्स को पूरा करना समझदारी होगी ताकि आपका पेमेंट बीच में न फंसे।

