द लोकतंत्र : सनातन धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व है। चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘कामदा एकादशी’ कहा जाता है। माना जाता है कि यह एकादशी अनजाने में हुए पापों को खत्म करने वाली है। इस साल यह व्रत कल यानी 29 मार्च को रखा जाएगा।
कामदा एकादशी का महत्व
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर महीने दो एकादशी आती हैं, जो भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं। लेकिन चैत्र मास की कामदा एकादशी को लेकर मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से यह व्रत और पूजा करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। ‘कामदा’ का अर्थ ही है— ‘कामना पूरी करने वाली’। इस दिन विष्णु जी की आराधना करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि आर्थिक परेशानियां भी दूर होती हैं।
दान का है विशेष फल
एकादशी के दिन व्रत और कथा सुनने के साथ-साथ दान का भी बहुत बड़ा रोल है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर आप अपनी राशि के हिसाब से दान करते हैं, तो भगवान विष्णु जल्दी प्रसन्न होते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
अपनी राशि के अनुसार करें ये दान
कामदा एकादशी के दिन अपनी राशि के हिसाब से नीचे दी गई चीजों का दान जरूर करें:
- मेष राशि: लाल रंग की मिठाई, लाल फल और मसूर की दाल का दान करना आपके लिए शुभ रहेगा।
- वृषभ राशि: आप चावल, गेहूं, चीनी और दूध जैसी सफेद चीजों का दान करें।
- मिथुन राशि: गाय को हरा चारा खिलाएं और जरूरतमंदों को हरी सब्जियां दान करें।
- कर्क राशि: भगवान कृष्ण के प्रिय माखन, मिश्री, लस्सी या छाछ का दान करना फलदायी होगा।
- सिंह राशि: लाल फल और ठंडे शरबत का दान करें।
- कन्या राशि: विवाहित महिलाओं को हरे रंग की चूड़ियां भेंट करना आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा।
- तुला राशि: गरीबों और जरूरतमंद लोगों को सफेद कपड़े दान करें।
- वृश्चिक राशि: मसूर की दाल, लाल मिर्च और लाल फलों का दान करें।
- धनु राशि: केसर वाला दूध और पीले फल (जैसे केला) दान करना श्रेष्ठ है।
- मकर राशि: विष्णु जी की पूजा करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीबों को धन का दान दें।
- कुंभ राशि: जूते-चप्पल, छाता और काले रंग के कपड़ों का दान करें।
- मीन राशि: भगवान विष्णु को पीला रंग प्रिय है, इसलिए आप केला, चने की दाल, बेसन और पीले कपड़े दान करें।
पूजा के समय रखें इन बातों का ध्यान
एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले कपड़े पहनकर भगवान विष्णु की पूजा शुरू करें। उन्हें पीले फूल और तुलसी दल जरूर अर्पित करें। याद रखें कि एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए और न ही किसी की बुराई करनी चाहिए। सात्विक रहकर और मंत्रों का जाप करते हुए दिन बिताने से व्रत का पूरा फल मिलता है।

