द लोकतंत्र/ पटना : बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को सोनपुर स्थित प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने संयमित अंदाज में अपने विचार साझा किए और जनता से पार्टी पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।
निशांत कुमार ने कहा कि वह लंबे समय बाद मंदिर में दर्शन करने आए हैं। उन्होंने याद किया कि करीब 20 साल पहले वे नियमित रूप से यहां आते थे, लेकिन इस बार काफी समय के अंतराल के बाद भगवान का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। पूजा के बाद जब पत्रकारों ने उनसे उनकी मनोकामना के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘सब भगवान की कृपा है।’ मंत्री पद या राजनीतिक भूमिका से जुड़े सवालों पर भी उन्होंने सीधे जवाब देने से परहेज किया और बार-बार यही दोहराया कि सब कुछ भगवान की इच्छा पर निर्भर है।
नीतीश कुमार के फैसले का समर्थन, जनता से भरोसे की अपील
राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव के बीच निशांत कुमार ने अपने पिता के फैसलों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता द्वारा लिए गए हर निर्णय को वे स्वीकार करते हैं। गौरतलब है कि नीतीश कुमार जल्द ही राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले हैं, जिसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
निशांत ने अपने पिता के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए किए गए कार्यों को जनता कभी नहीं भूल सकती। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस तरह उन्होंने अब तक नीतीश कुमार पर विश्वास जताया है, उसी तरह आगे भी उन पर और उनकी पार्टी पर भरोसा बनाए रखें।
जेडीयू में नेतृत्व को लेकर बयान, भविष्य की राजनीति पर संकेत
इसी बीच जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि नीतीश कुमार जैसा नेतृत्व मिलना आसान नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी का भविष्य अब नई पीढ़ी के हाथों में है और निशांत कुमार की भूमिका आगे महत्वपूर्ण हो सकती है।
नालंदा दौरे के दौरान नीरज कुमार ने कहा, दूसरा कोई नीतीश कुमार मिलना संभव नहीं है, जो यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और नई रणनीति पर मंथन जारी है। बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में नई दिशा तय कर सकता है, जहां परंपरा और नई पीढ़ी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई दे रही है।

