द लोकतंत्र/ कोलकाता : पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने घुसपैठ, किसानों की समस्याओं और बॉर्डर सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि राज्य में बदलाव की लहर है और जनता अब भाजपा को मौका देना चाहती है। शाह ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण के तहत घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, लेकिन ममता बनर्जी इसका विरोध कर रही हैं।
भाजपा की सरकार बनने पर घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे देश से ऐसे लोगों को चिन्हित कर बाहर किया जाएगा। उन्होंने सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार बनते ही 45 दिनों के भीतर बॉर्डर फेंसिंग के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
इसके साथ ही उन्होंने ममता सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कोल्ड स्टोरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। भाजपा सरकार बनने पर इस दिशा में तेजी से काम करने का वादा किया गया।
ममता का आरोप – तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को बनाया जा रहा निशाना
वहीं, ममता बनर्जी ने भी पलटवार करते हुए केंद्र सरकार और केंद्रीय बलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए किया जा रहा है और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। ममता ने दावा किया कि बूथ एजेंटों को हटाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने जनता से अपने अधिकारों की रक्षा करने की अपील की।
राज्य में बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाज़ी यह संकेत दे रही है कि आगामी चुनाव बेहद कड़े और निर्णायक होने वाले हैं।

