Advertisement Carousel
National

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर सियासी संग्राम, संसद में सरकार vs विपक्ष आमने-सामने

Political Showdown over Women's Reservation and Delimitation Bill: Government vs. Opposition Face-off in Parliament

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन एवं संविधान संशोधन से जुड़े तीन अहम विधेयक पेश कर देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का उद्देश्य इन विधेयकों के जरिए संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना और सीटों की संख्या में बड़ा बदलाव करना है। प्रस्तावित योजना के अनुसार लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर करीब 850 तक करने की बात कही जा रही है, जिसे संविधान संशोधन के जरिए लागू किया जाएगा।

हालांकि इन विधेयकों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों ने इसे संघीय ढांचे के लिए चुनौती बताते हुए इसका विरोध करने का संकेत दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ कहा कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन परिसीमन से जुड़े प्रावधानों पर गंभीर आपत्ति है।

विपक्ष का विरोध और एकजुटता पर सवाल

विपक्षी दलों का मानना है कि प्रस्तावित परिसीमन से ज्यादा आबादी वाले राज्यों को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान हो सकता है। इस मुद्दे पर कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, वाम दल, आरजेडी, जेएमएम और आम आदमी पार्टी समेत कई दल एक मंच पर आए हैं। बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद रहे।

हालांकि संख्या बल के बावजूद विपक्ष के भीतर पूरी तरह से एकजुटता के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। यह स्थिति सरकार के लिए कुछ हद तक राहत का कारण बन सकती है। विपक्ष ने इस विधेयक को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए इसे रोकने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

संसद में आंकड़ों का गणित और चुनौती

संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है, जैसा कि अनुच्छेद 368 में निर्धारित है। इसके तहत दोनों सदनों में कुल सदस्यों के बहुमत के साथ-साथ उपस्थित सदस्यों के दो-तिहाई समर्थन की जरूरत होती है।

लोकसभा में वर्तमान में 540 सदस्य हैं, ऐसे में विधेयक पास कराने के लिए कम से कम 360 सांसदों का समर्थन जरूरी होगा। वहीं विपक्ष के पास करीब 234 सांसद हैं, जो इस विधेयक को चुनौती देने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं। राज्यसभा में स्थिति और चुनौतीपूर्ण है, जहां दो-तिहाई बहुमत के लिए 163 सदस्यों का समर्थन जरूरी है, जबकि एनडीए के पास फिलहाल 141 सीटें हैं। ऐसे में सरकार को अन्य दलों का समर्थन जुटाना होगा।

यह भी पढ़ें – सुशासन तिहार 2026: छत्तीसगढ़ में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर, CM विष्णु देव साय खुद करेंगे औचक निरीक्षण

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं