द लोकतंत्र/ ऑटो : दुनिया भर में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां अब कंपनियां केवल पावर और डिजाइन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ज्यादा माइलेज और कम ईंधन खपत वाली तकनीकों पर फोकस कर रही हैं। इसी दिशा में चीन की प्रमुख ऑटो कंपनी Geely ने एक नई AI हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पेश कर वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। इस तकनीक ने फ्यूल एफिशिएंसी के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है और इसका नाम Guinness World Records में दर्ज किया गया है।
i-HEV सिस्टम: कम ईंधन में ज्यादा दूरी का दावा
Geely द्वारा विकसित इस तकनीक को i-HEV (Intelligent Hybrid Electric Vehicle) सिस्टम कहा जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सिस्टम से लैस वाहन ने 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में मात्र 2.22 लीटर पेट्रोल की खपत की। इसका मतलब है कि यह तकनीक लगभग 45 किलोमीटर प्रति लीटर से अधिक माइलेज देने में सक्षम है, जो हाइब्रिड कार सेगमेंट में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है।
इस सिस्टम में पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर का संयोजन किया गया है, जिससे कार को बेहतर पावर और स्मूद ड्राइविंग अनुभव मिलता है। साथ ही, यह तकनीक ड्राइविंग के दौरान ऊर्जा के उपयोग को बेहद संतुलित तरीके से नियंत्रित करती है।
AI का स्मार्ट इस्तेमाल और 10% ज्यादा एफिशिएंसी
इस हाइब्रिड सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसमें इस्तेमाल की गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक है। यह AI सिस्टम लगातार ड्राइविंग कंडीशंस का विश्लेषण करता है—जैसे सड़क की स्थिति, ट्रैफिक, मौसम और ड्राइवर की ड्राइविंग स्टाइल। इन सभी इनपुट्स के आधार पर यह तय करता है कि कब इलेक्ट्रिक मोड का उपयोग करना है और कब पेट्रोल इंजन को सक्रिय करना है।
इस स्मार्ट मैनेजमेंट के कारण फ्यूल की खपत कम होती है और कार ज्यादा कुशलता से चलती है। कंपनी का दावा है कि यह नई तकनीक पारंपरिक हाइब्रिड सिस्टम की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक एफिशिएंट है। Geely की यह AI आधारित हाइब्रिड तकनीक भविष्य की ऑटोमोबाइल दुनिया की दिशा को दर्शाती है, जहां स्मार्ट टेक्नोलॉजी और ऊर्जा दक्षता का मेल देखने को मिलेगा। कंपनी इस सिस्टम को आने वाले समय में अपनी सेडान और SUV मॉडल्स में लागू करने की योजना बना रही है।
कुल मिलाकर, यह इनोवेशन न केवल ईंधन की बचत में मदद करेगा, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी अहम साबित हो सकता है। साथ ही, यह तकनीक ऑटो इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा को और तेज करते हुए उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा किफायती और आधुनिक विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

