द लोकतंत्र/ मुंबई : All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen की युवा नेता और मुंब्रा की पार्षद Sehar Sheikh इन दिनों अपने OBC प्रमाणपत्र को लेकर विवादों में घिरी हुई हैं। इस बीच उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर खुलकर जवाब दिया है। सहर शेख ने कहा कि उनके और उनकी बेटी के OBC प्रमाणपत्र को फर्जी बताने वाले आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका मूल प्रमाणपत्र तहसीलदार कार्यालय द्वारा विधिवत जारी किया गया है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।
सहर शेख ने सुनवाई प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहली सुनवाई के दौरान तहसीलदार खुद मौजूद थे, लेकिन बाद में नायब तहसीलदार को यह अधिकार किस आधार पर दिया गया, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि तहसीलदार उमेश पाटील के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर गलत जानकारी प्रस्तुत की गई और मामले को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया गया।
मुंब्रा की राजनीति में यह विवाद तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। ठाणे नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 30 से जीत हासिल करने के बाद सहर शेख लगातार सुर्खियों में रही हैं। उनके चुनावी प्रतिद्वंद्वी पक्ष की ओर से ही इस मामले को उठाया गया, जिसके बाद विवाद और गहरा गया।
‘किसी के बाप का हिंदुस्तान नहीं’, पाकिस्तानी कहे जाने पर सहर शेख का तीखा बयान
Sehar Sheikh ने ‘पाकिस्तानी’, ‘बांग्लादेशी’ और ‘आतंकवादी’ जैसे शब्दों से संबोधित किए जाने पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सभी का खून इस मिट्टी में शामिल है, यह किसी के बाप का हिंदुस्तान नहीं है।” उनका कहना था कि किसी को भी देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि जो लोग उन्हें पाकिस्तान जाने की बात कह रहे हैं, उन्हें पहले अपना इतिहास और पहचान देखनी चाहिए। सहर शेख ने कहा कि चुप रहना कमजोरी नहीं, बल्कि कई बार समझदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जबरन किसी भाषा, विशेष रूप से मराठी, में बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा उन्होंने मीडिया पर भी नाराजगी जताई और कहा कि उनके बारे में झूठी खबरें चलाई गईं। उन्हें फरार बताया गया, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था। उन्होंने मीडिया रिपोर्टिंग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मुंब्रा और ठाणे की राजनीति में सहर शेख का यह बयान नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर सकता है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक जांच और राजनीतिक बयानबाजी इस मामले को और गर्मा सकती है।

