द लोकतंत्र/ रायपुर : Sachin Tendulkar का छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आगमन पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक क्षण बन गया। Vishnu Deo Sai ने इसे ‘बदलते बस्तर’ की नई पहचान बताते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार में सचिन का पहुंचना इस बात का प्रतीक है कि अब बस्तर भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सचिन का बच्चों के बीच पहुंचना और उन्हें खेलों के लिए प्रेरित करना युवाओं को नई दिशा देगा।
दंतेवाड़ा जिले के स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम हाई स्कूल, छिंदनार में बुधवार को क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने Sachin Tendulkar Foundation और Mann Deshi Foundation द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस मौके पर मानदेशी फाउंडेशन की संस्थापक चेतना सिन्हा भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति ने इसे और खास बना दिया।
‘मैदान कप अभियान’ से 50 गांवों में संवरेगा युवाओं का भविष्य
कार्यक्रम के दौरान सचिन तेंदुलकर ने बच्चों के साथ रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे खेलों में हिस्सा लिया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि अनुशासन और कड़ी मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है। सचिन ने कहा कि जीवन में शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए और खेल के साथ पढ़ाई में भी संतुलन जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए जमीनी स्तर पर आधुनिक खेल सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ फाउंडेशन द्वारा बस्तर क्षेत्र के 50 गांवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, जहां क्रिकेट के साथ फुटबॉल, कबड्डी और अन्य खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर का यह दौरा बस्तर के युवाओं में आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। वहीं दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से निकलकर शांति और विकास की नई राह पर है, जहां के बच्चे सही अवसर मिलने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने सचिन तेंदुलकर का अग्रिम जन्मदिन मनाया और केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। पूरा परिसर ‘जन्मदिन मुबारक हो’ के नारों से गूंज उठा। इस दौरान सचिन को टेराकोटा और लौह शिल्प की कलाकृतियां भेंट कर सम्मानित किया गया।

