द लोकतंत्र/ रायपुर : सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai सोमवार को कोंडागांव जिले की ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां आयोजित समाधान शिविर में उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद किया। इस दौरान मत्स्य पालन विभाग की ओर से जिले के मत्स्य पालकों और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लाभार्थियों को आजीविका संवर्धन के लिए आधुनिक उपकरण और संसाधन वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में ग्राम मालाकोट के कमल सिंह नेताम और ग्राम जोबा के नरेंद्र कश्यप को मोटरसाइकिल और आइस बॉक्स प्रदान किए गए। इन संसाधनों के माध्यम से अब दोनों हितग्राही अपनी मछलियों को सुरक्षित रूप से दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। हितग्राहियों ने बताया कि पहले मछलियों के संरक्षण और परिवहन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी होता था। आइस बॉक्स मिलने से अब मछलियों की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी और बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं मोटरसाइकिल मिलने से परिवहन की सुविधा आसान होने के साथ समय और लागत दोनों की बचत होगी।
सीएम Vishnu Deo Sai बोले – आधुनिक संसाधनों से बढ़ेगी मत्स्य उत्पादन क्षमता
समाधान शिविर के दौरान ग्राम बड़ेकनेरा के ललित बघेल और रामलाल नेताम को मछली पकड़ने के लिए आधुनिक जाल भी वितरित किए गए। लाभार्थियों ने बताया कि नए और उन्नत जाल मिलने से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी और व्यवसाय को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों की मदद से उत्पादन लागत कम होगी और आय में बढ़ोतरी होगी।
मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार का उद्देश्य मत्स्य पालकों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। विभाग द्वारा लगातार प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य व्यवसाय को नई पहचान मिल रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर Vishnu Deo Sai सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मत्स्य पालन आज ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। सरकार इस क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से जोड़कर ग्रामीण विकास को गति दे रही है। इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
कार्यक्रम के अंत में हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मत्स्य पालन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन से मिला यह सहयोग उनके व्यवसाय के विस्तार और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक उपकरणों और संसाधनों की मदद से वे अपने मत्स्य व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सफल होंगे।

