द लोकतंत्र/ कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2027 में रिकॉर्ड मतदान के बाद अब सभी राजनीतिक दलों की नजर आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है। दो चरणों में संपन्न हुए इस चुनाव में कुल 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में सबसे अधिक माना जा रहा है। पहले चरण में 93.13 प्रतिशत और दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान ने यह साफ संकेत दिया है कि जनता ने इस बार बढ़-चढ़कर लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लिया है। इस बीच, टुडेज चाणक्या के एग्जिट पोल ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है, जिसमें बीजेपी को 192 सीटें, टीएमसी को 100 सीटें और अन्य को 2 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वोट शेयर के लिहाज से बीजेपी को 48 प्रतिशत, टीएमसी को 38 प्रतिशत और अन्य को 14 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है।
एग्जिट पोल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत का अनुमान
टुडेज चाणक्या के एग्जिट पोल के मुताबिक पश्चिम बंगाल में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है। सर्वे में दावा किया गया है कि पार्टी को दलित और ओबीसी वोटर्स का मजबूत समर्थन मिला है, जो इस चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यह चुनाव अब केवल सरकार बनाने की दौड़ नहीं रह गया है, बल्कि यह इस बात का जनमत संग्रह बन गया है कि क्या ममता बनर्जी 15 साल के शासन के बाद भी राज्य की केंद्रीय राजनीतिक शक्ति बनी रहेंगी या नहीं।
ममता बनर्जी के लिए निर्णायक मुकाबला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। लगातार तीन कार्यकाल तक सत्ता में रहने के बाद अब वह न केवल अपनी सरकार बचाने बल्कि अपने राजनीतिक वर्चस्व को बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रही हैं। वहीं बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल अब भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बना हुआ है। पार्टी ने पिछले एक दशक में अपने वोट शेयर में जबरदस्त वृद्धि की है 2011 में लगभग 4 प्रतिशत से बढ़कर 2019 में करीब 40 प्रतिशत और 2021 में 77 सीटों तक पहुंचकर वह टीएमसी की मुख्य प्रतिद्वंद्वी बन चुकी है।
हालांकि, ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल के नतीजों को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि बीजेपी के इशारे पर ऐसे पूर्वानुमान प्रसारित किए जा रहे हैं, ताकि टीएमसी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया है कि उनकी पार्टी 294 में से 226 से अधिक सीटें जीतकर एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी। अब सबकी निगाहें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता पर किसका कब्जा होगा।

