द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में लक्ष्मी वर्मा के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधियों के एक दल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए राज्य में महिलाओं से जुड़े विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। मुलाकात का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों पर संवाद करना और सरकार की नीतियों के प्रति समर्थन व्यक्त करना था।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर महिलाओं का समर्थन
इस बैठक के दौरान महिला प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विधानसभा में इस विषय पर आयोजित विशेष सत्र और उससे जुड़े सरकारी संकल्प की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। प्रतिनिधिमंडल का मानना था कि इस कानून से महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई पहचान और अवसर मिलेंगे, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
महिला सशक्तिकरण को मिल रही नई दिशा
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में महिलाओं के उत्थान के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण को और मजबूती मिलेगी और शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक भागीदारी के क्षेत्रों में महिलाओं की उपस्थिति और प्रभाव बढ़ेगा। यह भी कहा गया कि सरकार की नीतियां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन जैसी पहल समाज में समानता और न्याय को मजबूत करने का माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की महिलाएं विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार हैं और उनके बिना समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
उन्होंने प्रतिनिधिमंडल का धन्यवाद करते हुए आश्वासन दिया कि सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम करती रहेगी। यह मुलाकात राज्य में महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार और समाज के बीच बेहतर समन्वय का प्रतीक मानी जा रही है।

