द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : Tamil Nadu विधानसभा चुनाव 2026 के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक असमंजस लगातार बढ़ता जा रहा है। विजय की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन पूर्ण बहुमत से अभी भी दूर है। इसी वजह से नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने स्पष्ट कर दिया है कि TVK के पास फिलहाल सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत नहीं है। 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीती हैं, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिलने के बावजूद पार्टी अभी बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी है।
इसी कारण विजय अब अन्य दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगे हुए हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिन तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
वाम दलों और सहयोगियों पर टिकी विजय की उम्मीदें
बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए TVK ने Communist Party of India, Communist Party of India (Marxist), Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) और Indian Union Muslim League (IUML) से समर्थन मांगा है।
टीवीके नेताओं ने इन दलों को औपचारिक पत्र और ईमेल भेजकर सहयोग का अनुरोध किया है। पार्टी नेता सीटीआर कुमार ने कहा कि विजय पहले ही साफ कर चुके हैं कि सहयोगी दलों को सत्ता में भागीदारी दी जाएगी, ताकि वे अपनी विचारधारा और नीतियों को लागू कर सकें।
वहीं VCK नेता थोल थिरुमावलवन ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी वाम दलों के रुख के बाद ही अंतिम फैसला करेगी। इस बीच TVK प्रतिनिधियों ने वाम नेताओं से मुलाकात कर समर्थन जुटाने की कोशिश तेज कर दी है। TVK का कहना है कि उसने एनडीए से कोई संपर्क नहीं किया है और भविष्य में भी ऐसा करने की योजना नहीं है। दूसरी ओर, कांग्रेस पहले ही विजय को समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है।
सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते मौका देने की मांग तेज
तमिलनाडु में राजनीतिक बहस अब इस मुद्दे पर केंद्रित हो गई है कि सरकार बनाने का पहला मौका किसे मिलना चाहिए। कांग्रेस, वाम दलों और VCK ने राज्यपाल से मांग की है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को सरकार बनाने का अवसर दिया जाए।
वहीं एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) ने अपने सहयोगियों से गठबंधन बनाए रखने की अपील की है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक नियमों के अनुसार होगी और राज्यपाल उसी आधार पर फैसला लेंगे। तमिलनाडु में राजनीतिक तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या विजय जरूरी समर्थन जुटाकर सरकार बना पाएंगे या राज्य में कोई नया राजनीतिक समीकरण सामने आएगा।

