द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : PM Modi ने हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से वैश्विक संकट के दौर में संयम और सतर्कता बरतने की अपील की। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और यूक्रेन संकट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का असर पूरी दुनिया के साथ भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए ईंधन बचत, विदेशी मुद्रा संरक्षण और अनावश्यक खर्चों से बचना बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अगले एक साल तक सोना न खरीदने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में देशहित को प्राथमिकता देना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देशवासियों ने जिस तरह अनुशासन और नई कार्यशैली को अपनाया था, उसी प्रकार एक बार फिर जिम्मेदारी दिखाने की जरूरत है।
पीएम मोदी ने कहा कि कोविड काल में लोगों ने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाकर नई कार्य संस्कृति विकसित की थी। अब भी जरूरत है कि लोग ईंधन और संसाधनों की बचत के लिए ऐसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दें। प्रधानमंत्री के इस बयान को मौजूदा वैश्विक आर्थिक दबावों और बढ़ती महंगाई के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है।
मिडिल ईस्ट और यूक्रेन युद्ध का भारत पर असर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले दो महीनों से मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी आई है, जिससे भारत सहित कई देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट के कारण दुनिया सप्लाई चेन की गंभीर समस्या से जूझ रही है। कई देशों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित हुई है और परिवहन लागत बढ़ी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार पिछले पांच से छह वर्षों से आत्मनिर्भरता और वैकल्पिक सप्लाई चेन पर काम कर रही है, ताकि वैश्विक संकटों का असर कम किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईंधन आयात पर निर्भरता कम करना और ऊर्जा की बचत करना आने वाले समय में देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
किसानों और आम जनता के लिए सरकार की रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कृषि क्षेत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं और एक बोरी फर्टिलाइजर की कीमत कई देशों में करीब तीन हजार रुपये तक पहुंच गई है। इसके बावजूद भारत सरकार किसानों को सब्सिडी देकर वही खाद लगभग 300 रुपये में उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि वैश्विक संकट का असर आम जनता और किसानों पर कम से कम पड़े। इसके लिए केंद्र सरकार लगातार आर्थिक प्रबंधन और राहत उपायों पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह समय एकजुट होकर जिम्मेदारी निभाने का है। उन्होंने कहा कि भारत ने कोरोना महामारी के दौरान पूरी दुनिया को अनुशासन और सामूहिक प्रयास की ताकत दिखाई थी और अब वैश्विक आर्थिक संकट के समय भी देश को उसी भावना के साथ आगे बढ़ना होगा।

