द लोकतंत्र/ कोलकाता : शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में होने वाले पुनर्मतदान से पहले तृणमूल कांग्रेस और अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। शनिवार (16 मई 2026) को बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि डायमंड हार्बर क्षेत्र के लोग पिछले एक दशक से अपने मताधिकार का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हालात बदल चुके हैं और फाल्टा में होने वाला पुनर्मतदान लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली का प्रतीक बनेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बीजेपी उम्मीदवार को भारी मतों से जीत दिलाएं।
फाल्टा में आयोजित रैली के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ‘भतीजे’ के राजनीति में आने के बाद लोगों को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मतदान करने का अवसर नहीं मिला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका इशारा सीधे अभिषेक बनर्जी की ओर था। मुख्यमंत्री ने हिंसा-मुक्त चुनाव कराने की भी अपील की और कहा कि राज्य सरकार निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अभिषेक बनर्जी से जुड़ी संपत्तियों की जांच का दावा
शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में दावा किया कि उन्हें ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ नामक कंपनी से जुड़ी संपत्तियों की फाइलें मिल चुकी हैं, जिनका संबंध कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी से बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला इलाके में स्थित कंपनी के आलीशान कार्यालय सहित कुल 24 संपत्तियों का ब्यौरा उनके पास है और जल्द ही इनकी जांच शुरू कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह बीजेपी कार्यकर्ताओं पर कथित राजनीतिक हिंसा और केंद्रीय योजनाओं के धन के दुरुपयोग के मामलों को भूले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस को पुराने मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने और शिकायतों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की राजनीति में यह बयान आने वाले समय में नया विवाद खड़ा कर सकता है, क्योंकि चुनावी माहौल में भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा दोनों बड़े मुद्दे बने हुए हैं।
‘पुष्पा’ बयान और जहांगीर खान पर सख्त टिप्पणी
फाल्टा सीट से जहांगीर खान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें ‘नामित कुख्यात अपराधी’ बताया और कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उनके मामले पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा, तथाकथित पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है।
यह बयान उस पुराने विवाद से जुड़ा है जब चुनाव के दौरान आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और जहांगीर खान के बीच तीखी जुबानी बहस हुई थी। उस समय जहांगीर खान ने कहा था कि यह यूपी नहीं, बंगाल है। यहां कोई सिंघम नहीं चलेगा। अगर वो सिंघम हैं, तो मैं भी पुष्पा हूं। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में उसी संदर्भ का इस्तेमाल करते हुए राजनीतिक हमला बोला।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को फाल्टा में हुए मतदान को बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, ईवीएम से छेड़छाड़ और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था। अब 21 मई को यहां पुनर्मतदान कराया जाएगा। फाल्टा का पुनर्मतदान केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बंगाल की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी माना जा रहा है।

