द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स दौरे के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के सामने नए भारत की तस्वीर पेश की। हेग में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब केवल तेजी से विकास करने वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक और नवाचार को दिशा देने वाला ‘ग्लोबल ग्रोथ इंजन’ बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज का भारत बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की क्षमता रखने वाला आत्मविश्वासी राष्ट्र बन चुका है। ओलंपिक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा, डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप इकोसिस्टम और अंतरिक्ष मिशनों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक भारत कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक बदलाव देख रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने सफलतापूर्वक G20 Summit की मेजबानी की और दुनिया के सबसे बड़े AI समिट का आयोजन भी किया। उनके मुताबिक, यह उपलब्धियां केवल एक बार की घटनाएं नहीं हैं, बल्कि नए भारत की बदलती पहचान को दर्शाती हैं।
स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया और अंतरिक्ष में बढ़ती ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने बताया कि देश में डिजिटल क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है और करोड़ों लोग डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा यूनिक आईडी प्रोग्राम और सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन अभियान सफलतापूर्वक लागू किया है। इसके साथ ही देश दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना भी चला रहा है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत चांद के उस हिस्से तक पहुंच चुका है जहां पहले कोई देश नहीं पहुंचा था। उनके अनुसार, यह भारत की वैज्ञानिक क्षमता, आत्मविश्वास और बढ़ती महत्वाकांक्षा का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने 16 मई 2014 के लोकसभा चुनाव परिणामों को भी याद किया और कहा कि कई दशकों बाद देश में पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार बनी थी। उन्होंने कहा, करोड़ों भारतीयों का विश्वास मुझे रुकने या थकने नहीं देता।
प्रवासी भारतीयों और भारतीय संस्कृति की सराहना
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दुनिया के अलग-अलग देशों में रहकर भी अपनी संस्कृति, परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ पीढ़ियां, देश और परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन भारतीय संस्कार और अपनापन हमेशा कायम रहता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को दुनिया की सबसे पुरानी और जीवंत सभ्यताओं में से एक बताते हुए कहा कि यही विविधता भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
उनके मुताबिक, दुनिया की कई प्राचीन सभ्यताएं समय के साथ खत्म हो गईं, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी करोड़ों लोगों के जीवन और भावनाओं में जीवित है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह संबोधन केवल प्रवासी भारतीयों को जोड़ने का प्रयास नहीं था, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बदलती आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक शक्ति को भी प्रदर्शित करने वाला संदेश था।

