द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Iran और Israel के बीच जारी तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, फरवरी 2026 में हुए अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद मिडिल ईस्ट का संकट और गहरा गया। हालांकि, ईरान की जवाबी कार्रवाई ने हालात को और गंभीर बना दिया। इसी बीच अब Benjamin Netanyahu और Donald Trump (Trump-Netanyahu) की बातचीत ने नई चर्चा छेड़ दी है।
Iran Nuclear Deal पर Trump-Netanyahu की बातचीत
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रविवार को बड़ा बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से लंबी बातचीत हुई। इस दौरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर चर्चा हुई। इसके अलावा ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर संभावित समझौते को लेकर भी बात हुई। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों की प्राथमिकता ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतिम समझौते में ईरान के संवर्धन केंद्र खत्म होने चाहिए।
Hormuz Strait Crisis से बढ़ी दुनिया की चिंता
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। दरअसल, ईरान ने युद्ध के बाद यहां आवाजाही सीमित कर दी थी। इसके बाद कई देशों में तेल संकट गहरा गया। हालांकि, लगातार बातचीत के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। वहीं पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
Iran Nuclear Program पर अमेरिका का सख्त रुख
अमेरिका लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करता रहा है। वॉशिंगटन नहीं चाहता कि तेहरान परमाणु शक्ति बने। दूसरी तरफ ईरान अमेरिकी शर्तों को एकतरफा बता चुका है। इसके अलावा ईरान ने साफ किया है कि वह दबाव में झुकने वाला नहीं है। हालांकि, ट्रंप अब भी समझौते की उम्मीद जता रहे हैं।
नेतन्याहू ने बातचीत में अमेरिकी समर्थन की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन “Roaring Lion” और “Epic Fury” के दौरान दोनों देशों ने साथ काम किया। उनके मुताबिक अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरानी खतरे के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की। इसके अलावा ट्रंप ने इजरायल की सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
Middle East Crisis पर दुनिया की नजर
मिडिल ईस्ट संकट का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हालांकि, निवेशक अब संभावित समझौते की खबरों पर नजर रखे हुए हैं। वहीं विशेषज्ञ मानते हैं कि हॉर्मुज खुलने से बाजार को राहत मिल सकती है। दरअसल, दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस मार्ग पर काफी निर्भर हैं।
Iran Nuclear Deal पर अभी भी बनी अनिश्चितता
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है। हालांकि, दोनों पक्ष कई मुद्दों पर अब भी सहमत नहीं हैं। नेतन्याहू ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जाएंगे। वहीं तेहरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह संकट वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।

