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CJP Protest: जंतर-मंतर प्रदर्शन में 215 वांटेड अपराधियों की पहचान का दावा, FRS कैमरों से दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

CJP Protest: Delhi Police claims identification of 215 wanted criminals during the Jantar Mantar protest; major action using FRS cameras.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। एबीपी न्यूज की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे 216 वांटेड अपराधियों में से 215 की पहचान फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों की मदद से कर ली गई है। हालांकि, इस संबंध में दिल्ली पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति सार्वजनिक नहीं की गई है और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस द्वारा लगाए गए FRS कैमरों के जरिए प्रदर्शन में शामिल लोगों की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान कथित तौर पर बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान हुई, जिनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों में पहले से तलाश जारी है। सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि इनमें से कुछ लोग कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने की मंशा से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही संभव होगी।

CJP प्रोटेस्ट में FRS कैमरों से निगरानी क्यों बढ़ाई गई? पुलिस ने सुरक्षा कारण बताए

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ऐसी खुफिया सूचनाएं मिली थीं कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व या वांछित अपराधी भीड़ में शामिल हो सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए नई दिल्ली जिले के संवेदनशील इलाकों में फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे लगाए गए।

बताया गया है कि इस तकनीक का उद्देश्य प्रदर्शन में शामिल लोगों की सामान्य निगरानी करना नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान करना था जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं या जो कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं। दिल्ली पुलिस बड़े सार्वजनिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में पहले भी FRS तकनीक का इस्तेमाल करती रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पहचाने गए संदिग्धों से संबंधित जानकारी जांच एजेंसियों के साथ साझा की जा रही है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।

अपराध में कमी का भी दावा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि बड़ी संख्या में कथित वांटेड अपराधियों के प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहने के कारण दिल्ली के अन्य इलाकों में आपराधिक घटनाओं में अस्थायी कमी दर्ज की गई। हालांकि, इस दावे को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक अपराध संबंधी आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या बड़े सार्वजनिक प्रदर्शनों में असामाजिक तत्व घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, इस मामले में CJP या प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठनों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चल रहा है। आंदोलन के मद्देनज़र राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी की गई है और कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

यह भी पढ़ें – Delhi Protest Impact: CJP के प्रदर्शन से दिल्ली का कारोबार प्रभावित होने का दावा, CTI ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र

Team The Loktantra

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