द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नई दिल्ली में चल रही INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक के बीच उद्धव ठाकरे गुट की ओर से बड़ा राजनीतिक बयान सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि कुछ सहयोगी दलों की अनुपस्थिति के बावजूद विपक्षी गठबंधन की एकजुटता बनी हुई है और अधिकांश प्रमुख दल इस बैठक का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए हैं।
आनंद दुबे ने कांग्रेस की भूमिका को गठबंधन में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस विपक्ष का सबसे बड़ा राष्ट्रीय दल है और लोकसभा में सबसे अधिक सीटों के साथ उसकी प्रमुख भूमिका स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि गठबंधन के भीतर किसी को राहुल गांधी या कांग्रेस नेतृत्व से कोई आपत्ति है। उनके अनुसार किसी भी बड़े राजनीतिक गठबंधन या परिवार में मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन इससे एकता और साझा उद्देश्य प्रभावित नहीं होने चाहिए।
INDIA ब्लॉक की बैठक में महंगाई, बेरोजगारी और विपक्षी एकजुटता पर हो रही चर्चा
उद्धव गुट के प्रवक्ता ने कहा कि INDIA गठबंधन की बैठक में देश के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इनमें नीट परीक्षा विवाद, महंगाई, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की नीतियों से जुड़े विषय प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में सभी सहयोगियों को हमेशा संतुष्ट रखना संभव नहीं होता और कई बार कुछ दलों की नाराजगी भी सामने आती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गठबंधन कमजोर हो गया है।
आनंद दुबे ने जोर देकर कहा कि विपक्षी दलों का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है। इसलिए गठबंधन के सभी सहयोगियों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।
कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों को देना होगा अधिक महत्व
कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के संबंधों पर बोलते हुए आनंद दुबे ने कहा कि क्षेत्रीय दल अपने-अपने राज्यों में मजबूत जनाधार रखते हैं और उन्हें उचित सम्मान एवं प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, तमिलनाडु में डीएमके, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और झारखंड में क्षेत्रीय दल अपने-अपने राज्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत विकल्प बनना है तो कांग्रेस को गठबंधन राजनीति को हर राज्य में समान रूप से अपनाना होगा। उनके अनुसार, केवल चुनिंदा राज्यों में गठबंधन और अन्य राज्यों में अलग रणनीति अपनाने से विपक्षी एकता कमजोर हो सकती है।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए आनंद दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस का स्वाभाविक चेहरा राहुल गांधी हैं, जबकि क्षेत्रीय दलों को राज्यों में नेतृत्व और राजनीतिक अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस यदि बड़े दिल के साथ सहयोगी दलों को आगे बढ़ाएगी तो बदले में सभी क्षेत्रीय दल भी राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी के नेतृत्व को मजबूती देंगे। उनके इस बयान को INDIA गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

