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Dharmendra Pradhan Resignation: इस्तीफे के बाद भी कांग्रेस का हमला जारी, सरकार के सामने रखीं दो नई मांगें

Dharmendra Pradhan Resignation: Congress' attack continues even after resignation, two new demands placed before the government

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में उठे विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद भी राजनीतिक घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस घटनाक्रम को मुद्दे का अंत नहीं मानती। पार्टी का कहना है कि केवल मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और छात्रों के साथ कथित तौर पर हुई कार्रवाई पर भी सरकार को जवाब देना होगा।

पिछले कई सप्ताह से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र आंदोलन जारी था। आंदोलन के दौरान परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दे रहे। इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला, जिन्होंने छात्रों की मांगों के समर्थन में लंबे समय तक अनशन किया था। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी विभिन्न राज्यों से दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में भाग लिया।

इस बीच कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रहे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने का प्रयास भी किया था। विपक्ष का आरोप रहा कि परीक्षा प्रणाली में सामने आई अनियमितताओं और कथित पेपर लीक मामलों में सरकार समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही।

Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की दो प्रमुख मांगें, छात्रों पर हुई कार्रवाई की जाँच और PM से माफी की मांग

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने सरकार के सामने दो नई मांगें रखी हैं। पहली मांग यह है कि छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित रूप से हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर कानून का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पार्टी का आरोप है कि आंदोलन के दौरान कई छात्रों के साथ दुर्व्यवहार हुआ और प्रदर्शन को नियंत्रित करने के दौरान आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कांग्रेस की दूसरी मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सामने आई कथित खामियों और उससे प्रभावित हुए लाखों छात्रों एवं उनके परिवारों के प्रति सरकार को सार्वजनिक रूप से अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। इसी आधार पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से देश के छात्रों और अभिभावकों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है। यह कांग्रेस का राजनीतिक रुख है और इस पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सरकार के अगले कदम पर टिकी नजर, Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बहस जारी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है। इसके साथ ही सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नए विधायी और प्रशासनिक कदमों की तैयारी भी कर रही है। प्रस्तावित परीक्षा सुधार कानून, पेपर लीक रोकने के लिए कड़े प्रावधान और विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कदमों को इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि केवल प्रशासनिक बदलाव ही पर्याप्त नहीं हैं। उसके अनुसार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों जगह उठाने के संकेत दे चुके हैं। फिलहाल, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बहस नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार कांग्रेस की नई मांगों पर क्या रुख अपनाती है और परीक्षा सुधार से जुड़े प्रस्तावित कदमों को किस तरह लागू किया जाता है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि छात्र संगठनों और आंदोलनकारी समूहों की आगे की रणनीति क्या रहती है।

यह भी पढ़ें – Education Minister News: Prahlad Joshi ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार, पीएम मोदी का जताया आभार

Team The Loktantra

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