द लोकतंत्र/ देवरिया/ प्रभाष विश्वकर्मा : ओमान के पास समुद्री मार्ग में एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के 23 वर्षीय नाविक सूरज यादव की मौत हो गई। सूरज MV Cape Dao पर ‘वाइपर’ के पद पर कार्यरत थे। हमले के बाद उनके गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। भारतीय दूतावास ने भी हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की है।
सूरज यादव देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के कर्मजीतपुर गांव के रहने वाले थे। उनकी मौत की खबर गांव और परिवार तक पहुंचते ही मातम छा गया। परिजनों के मुताबिक, सूरज रोजगार के सिलसिले में मर्चेंट नेवी से जुड़े थे और कुछ समय पहले ही जहाज पर अपनी ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। इस घटना के बाद परिवार की सबसे बड़ी चिंता अब सूरज के पार्थिव शरीर को भारत लाने की है। परिजनों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर उनके शव को जल्द से जल्द पैतृक गांव पहुंचाने की मांग की है।
MV Cape Dao पर हमला, एक भारतीय नाविक की गई जान
रिपोर्टों के अनुसार, MV Cape Dao ओमान के पास समुद्री मार्ग से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। भारतीय दूतावास ने बताया कि जहाज पर मौजूद चालक दल की सुरक्षा को लेकर ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। दूतावास ने एक भारतीय नागरिक की मौत पर शोक जताते हुए मृतक के परिवार के संपर्क में होने की जानकारी दी।
Forward Seamen’s Union of India (FSUI) ने मृतक की पहचान देवरिया के सूरज यादव के रूप में की। यूनियन के अनुसार जहाज पर 28 क्रू सदस्य थे और उसके मुताबिक 20 भारतीय नागरिक सवार थे। हालांकि, भारतीय दूतावास की ओर से जारी जानकारी में भारतीय नागरिकों की संख्या 19 बताई गई है। FSUI ने दावा किया कि जहाज को दो टॉरपीडो से निशाना बनाया गया, जिनमें एक जहाज के आवासीय हिस्से और दूसरा इंजन रूम के पास लगा। वहीं अन्य रिपोर्टों में हमले को मिसाइल हमले के तौर पर भी वर्णित किया गया है। हमले की जिम्मेदारी को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इस घटना ने संघर्ष प्रभावित समुद्री इलाकों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री कर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताते हुए क्षेत्र में तनाव कम करने और समुद्री आवागमन सुरक्षित रखने की आवश्यकता दोहराई है।
चार भाइयों में सबसे बड़े थे सूरज, परिवार ने की शव वापस लाने की मांग
सूरज यादव अपने परिवार में चार भाइयों में सबसे बड़े बताए जा रहे हैं। उनके पिता भी विदेश में नौकरी करते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, सूरज ने विदेश जाने से पहले परिवार के साथ भविष्य को लेकर कई उम्मीदें साझा की थीं। वह मर्चेंट नेवी में काम कर अपने परिवार की आर्थिक मदद करना चाहते थे। लेकिन ओमान के पास समुद्री हमले ने परिवार की इन उम्मीदों को गहरे सदमे में बदल दिया।
परिजनों ने सरकार से मांग की है कि सूरज यादव का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए, ताकि अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके। रिपोर्टों के अनुसार, शव को भारत लाने के लिए सरकारी स्तर पर ओमानी अधिकारियों के साथ संपर्क किया जा रहा है।



