द लोकतंत्र/नई दिल्ली: रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान की धरती से दोबारा कोई आतंकी हमला हुआ तो भारत उसका मुंहतोड़ जवाब देगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त चेतावनी दी है। न्यूज18 के कार्यक्रम DEFCON 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पहलगाम आतंकी हमले के जरिए पहले ही ‘लक्ष्मण रेखा’ पार कर दी थी। अगर भविष्य में ऐसी कोई हिमाकत दोहराई गई तो भारत निर्णायक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत सभी देशों के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध चाहता है, लेकिन शांति की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वालों के लिए कोई भी स्थान सुरक्षित ठिकाना नहीं बन सकता।
पाकिस्तान को Rajnath Singh की दो टूक चेतावनी
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी धरती से होने वाली किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई को भारत गंभीरता से लेगा और उसका उचित जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी तरह के न्यूक्लियर ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगा।Rajnath Singh ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित किया है कि भारत के पास अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा करने की क्षमता और राजनीतिक संकल्प दोनों हैं।
हमारे पास क्षमता और संकल्प दोनों
Rajnath Singh ने कहा कि भारत की शांति की नीति को उसकी कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो देश आक्रामकता के हथियार के तौर पर आतंकवाद का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें समझना होगा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, भारत की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं होगा।
‘डिटरेंस बाय पनिशमेंट’ की ओर बढ़ा भारत
Rajnath Singh ने कहा कि सरकार ने सशस्त्र सेनाओं को ऑपरेशनल आजादी दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व दृढ़ और निर्णायक है तथा हर परिस्थिति में सेना के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की रणनीति ‘स्ट्रैटेजिक कंटेनमेंट’ और ‘डिटरेंस बाय डिनायल’ से आगे बढ़कर ‘डिटरेंस बाय पनिशमेंट’ की ओर बढ़ी है। यानी आतंकवाद और उसके समर्थन के खिलाफ कार्रवाई को रोकथाम के साथ-साथ जवाबी कार्रवाई की रणनीति से भी जोड़ा गया है।
ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोले Rajnath Singh
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवादी ढांचे को खत्म करने के रास्ते में अब कोई सीमा बाधा नहीं बनेगी।
उन्होंने कहा कि अब आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वालों के बीच अंतर नहीं किया जाएगा।Rajnath Singh ने यह भी कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर यह संदेश दिया है कि ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।’
बदल रहा है राष्ट्रीय सुरक्षा का दायरा
Rajnath Singh ने कहा कि आज राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां पहले की तुलना में काफी व्यापक हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सीमाएं भले ही तय हों, लेकिन खतरों का स्वरूप लगातार बदलता रहता है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को एक समग्र और बहुआयामी रणनीति अपनाने की जरूरत है।
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