द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बेहद कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताओं, रडार सिस्टम, एयर डिफेंस नेटवर्क और हमलावर क्षमता को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है। साथ ही उन्होंने ईरान के रणनीतिक महत्व वाले खार्ग आइलैंड और तेल से जुड़े अन्य बुनियादी ढांचों पर नियंत्रण की भी बात कही।
ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। खार्ग आइलैंड ईरान के तेल निर्यात का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, इसलिए इस क्षेत्र को लेकर किसी भी सैन्य कार्रवाई के दूरगामी आर्थिक परिणाम हो सकते हैं।
Donald Trump का सख्त संदेश, ईरान पर बढ़ा सैन्य दबाव
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरान ने समझौते और वार्ता के लिए बहुत देर कर दी है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का दायरा और व्यापक हो सकता है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि हाल के दिनों में ईरान की कई सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया है और आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत के प्रयास अभी भी जारी हैं, लेकिन जमीनी हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच तेल बाजार और वैश्विक निवेशकों की नजरें भी इस संघर्ष पर टिकी हुई हैं, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई का दावा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
अमेरिकी चेतावनी के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन और अन्य क्षेत्रों में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई उसके खिलाफ हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने अली अल-सलेम एयर बेस, अहमद अल-जाबेर एयर बेस और बहरीन के शेख ईसा एयर बेस सहित कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले का दावा किया है।
इसके अलावा ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है और क्षेत्र में जहाजों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। हालांकि इस संबंध में विभिन्न पक्षों के दावों और वास्तविक स्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ तो यह संघर्ष पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। फिलहाल दुनिया की निगाहें अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।




