द लोकतंत्र/ Chandigarh : Chandigarh में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शन को लेकर किसान संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। AKM पंजाब फोरम ने यूनाइटेड किसान मोर्चा की ओर से चंडीगढ़ बॉर्डर पर किए जा रहे आंदोलन को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। संगठन के नेताओं ने कहा कि किसानों और मजदूरों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जा सकता है।
AKM पंजाब फोरम के नेताओं ने पंजाब के पानी की सुरक्षा, किसानों और खेत मजदूरों की कर्जमाफी, फसलों के उचित दाम और खेती से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर सरकार से गंभीरता से बातचीत करने की अपील की। नेताओं के मुताबिक, 1 सितंबर से 7 सितंबर तक चंडीगढ़ बॉर्डर पर यूनाइटेड किसान मोर्चा का मार्च किसानों और पंजाब के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का प्रयास है।
भारतीय किसान यूनियन तोतेवाल के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुख गिल, जत्थेदार तरनजीत सिंह निमाणा और अन्य किसान संगठनों से जुड़े नेताओं ने आंदोलन को समर्थन देने की बात कही। सुख गिल और अन्य नेताओं ने कहा कि अगर केंद्र और पंजाब सरकार किसानों की मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती हैं तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर किया जा सकता है।
पंजाब के पानी से MSP तक, किसानों ने उठाईं कई मांगें
AKM पंजाब फोरम के मुताबिक, किसानों के आंदोलन में पंजाब के पानी की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दों में शामिल है। संगठन ने हर खेत तक नहर का पानी पहुंचाने की मांग का समर्थन किया। इसके अलावा किसानों और खेत मजदूरों के लिए कर्जमाफी, सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी और खेती को प्रभावित करने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का विरोध भी प्रमुख मांगों में शामिल है। किसान संगठनों ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) में पंजाब के अधिकारों की बहाली और किसानों-मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा की मांग भी उठाई है। नेताओं का कहना है कि आंदोलन में इन मुद्दों के अलावा खेती और पंजाब से जुड़े कई अन्य विषयों को भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
AKM पंजाब फोरम ने कहा कि किसानों के संघर्ष को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। संगठन ने पंजाब के किसानों, मजदूरों और विभिन्न अधिकार संगठनों से एकजुट होकर इन मांगों के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की है। नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से किसानों की मांगों को गंभीरता से लेने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
AKM पंजाब फोरम से जुड़े विभिन्न किसान संगठनों के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकारों की ओर से किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में संघर्ष को और तीखा किया जा सकता है। नेताओं के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। फोरम ने कहा कि वह यूनाइटेड किसान मोर्चा के मौजूदा संघर्ष में हरसंभव सहयोग करेगा। साथ ही पंजाब के किसानों, मजदूरों और किसान हितैषी लोगों से आंदोलन के साथ खड़े होने की अपील की गई है।
इस आंदोलन में भारतीय किसान यूनियन तोतेवाल, भारतीय किसान-मजदूर यूनियन मझैल, बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष समिति, शेरे पंजाब किसान-मजदूर मोर्चा, पंजाब किसान यूनियन बागी, ऑल इंडिया किसान यूनियन फतेह, सरबत दा भला मंच पंजाब, भारतीय किसान यूनियन बम्ब, अन्नदाता किसान मजदूर यूनियन समेत कई संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने समर्थन जताया है।
किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के साथ टकराव के बजाय बातचीत के जरिए मांगों का समाधान होना चाहिए, लेकिन यदि लंबे समय से लंबित मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला रहेगा। फिलहाल चंडीगढ़ बॉर्डर पर चल रहा यह प्रदर्शन पंजाब की खेती, पानी, MSP और किसानों-मजदूरों के आर्थिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर सामने आया है।



