द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : Goa में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के साथ गठबंधन की घोषणा की है। इस नए गठबंधन का नाम ‘गोवा फर्स्ट’ रखा गया है। केजरीवाल ने कहा कि यह गठबंधन गोवा की जनता को एक नया राजनीतिक विकल्प देने के उद्देश्य से बनाया गया है।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर गठबंधन का ऐलान करते हुए अरविंद केजरीवाल ने इसे गोवा के लोगों के लिए अच्छी खबर बताया। उन्होंने कहा कि किसी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश का नाम लेकर करना बेहतर माना जाता है और इससे अच्छा अवसर नहीं हो सकता था।
AAP और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने क्यों बनाया गठबंधन?
अरविंद केजरीवाल ने गठबंधन की जरूरत बताते हुए कांग्रेस और बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से गोवा के मतदाताओं के सामने सीमित राजनीतिक विकल्प रहे हैं। उनके मुताबिक, लोग कभी कांग्रेस तो कभी बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए वोट करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं।
केजरीवाल ने 2017 और 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि दोनों मौकों पर कांग्रेस को वोट देने वाले मतदाताओं को निराशा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विधायकों के बीजेपी में जाने या बीजेपी सरकार को समर्थन मिलने के कारण राज्य में फिर बीजेपी की सरकार बनी। AAP संयोजक ने कहा कि गोवा की जनता अब इस तरह की राजनीति से परेशान है और उसे एक विश्वसनीय विकल्प की जरूरत है।
उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस के बीच कथित राजनीतिक समझ और आपसी सहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, लेकिन बाद में साथ आ जाते हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि ‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन का उद्देश्य इस राजनीतिक स्थिति के सामने जनता को एक अलग विकल्प उपलब्ध कराना है।
गोवा फॉरवर्ड पार्टी का राजनीतिक सफर
गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) गोवा की एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसका नेतृत्व विजय सरदेसाई करते हैं। पार्टी की स्थापना 25 जनवरी 2016 को हुई थी और इसका चुनाव चिह्न नारियल है।
2017 के गोवा विधानसभा चुनाव में GFP ने चार उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जिनमें से तीन ने जीत हासिल की थी। उस चुनाव के बाद राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया में पार्टी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई थी। ऐसे में AAP के साथ उसका गठबंधन आगामी विधानसभा चुनावों से पहले गोवा की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है।
‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन के जरिए AAP और GFP अब राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे। हालांकि, चुनावी रणनीति, सीट बंटवारे और गठबंधन के अन्य पहलुओं को लेकर आगे की घोषणाओं पर सबकी नजर रहेगी।



