द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में वर्ष 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। गृह मंत्री के मुताबिक, देश के कुछ राज्यों में UCC लागू हो चुका है, जबकि अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
अमित शाह ने ये बातें इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी अवार्ड्स के 52वें समारोह में कहीं। इस दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ भारत की बदली रणनीति और जेम्स एंड ज्वैलरी उद्योग के आर्थिक योगदान पर भी चर्चा की।
UCC को लेकर क्या बोले अमित शाह?
अमित शाह ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया कई राज्यों में आगे बढ़ चुकी है। सरकार का प्रयास है कि NDA के नेतृत्व वाली सभी राज्य सरकारों में भी इसे लागू किया जाए। UCC का उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में अलग-अलग धार्मिक कानूनों के स्थान पर समान नागरिक नियमों की व्यवस्था करना है।
हालांकि, UCC के प्रावधान और इसे लागू करने की प्रक्रिया राज्यों के अनुसार अलग हो सकती है। गृह मंत्री के इस बयान से आने वाले वर्षों में समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार की प्राथमिकता का संकेत मिलता है।
आतंकवाद पर सख्त रुख और जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर की तारीफ
आतंकवादी हमलों के खिलाफ भारत की रणनीति का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश अब जरूरत पड़ने पर सीमा पार जाकर भी जवाब देने की क्षमता और इच्छाशक्ति रखता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को इसका उदाहरण बताया। शाह के मुताबिक, इन कार्रवाइयों से दुनिया को यह संदेश गया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
समारोह में गृह मंत्री ने जेम्स एंड ज्वैलरी उद्योग के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत की आर्थिक ताकत, समृद्धि और वैश्विक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले लोगों, उनके परिवारों और सहयोगियों को बधाई दी। अमित शाह ने कहा कि जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर निर्यात और रोजगार के लिहाज से भी अहम है। इस उद्योग से जुड़े निर्यातक, निर्माता, बैंकिंग क्षेत्र के लोग, महिला उद्यमी और अन्य पेशेवर देश की आर्थिक प्रगति में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने उद्योग से जुड़े लोगों से गुणवत्ता और बेहतर कार्य के मानकों को बनाए रखने की अपील की।




