द लोकतंत्र/उत्तरप्रदेश: Bhadohi Name Change को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब भदोही जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की, जहां उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। भदोही देश और विदेश में अपने कालीन उद्योग के लिए जाना जाता है।
संत रविदास के नाम पर बदला जिले का नाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पहले ही यह बात कही गई थी कि कालीन उद्योग के लिए प्रसिद्ध भदोही की पहचान आगे संत रविदास जी महाराज के नाम से होगी। उन्होंने संत रविदास को मध्यकालीन संत बताते हुए कहा कि उन्होंने आध्यात्मिक भक्ति के माध्यम से समाज को जोड़ने का काम किया।
सीएम ने भदोही में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अब जिले का नाम संत रविदास नगर भदोही होगा। इस घोषणा के साथ जिले के नाम को लेकर लंबे समय से चले आ रहे बदलावों का एक और अध्याय जुड़ गया है।
पहले भी कई बार बदला जा चुका है नाम
भदोही जिले का गठन वर्ष 1994 में वाराणसी से अलग करके किया गया था। इसके बाद जिले के नाम में कई बार बदलाव हुए। वर्ष 1997 में मायावती सरकार ने इसका नाम बदलकर संत रविदास नगर कर दिया था। बाद में 1999 में इसके आधिकारिक नाम में भदोही भी जोड़ा गया और इसे संत रविदास नगर-भदोही कहा गया।
इसके बाद वर्ष 2014 में अखिलेश यादव सरकार के दौरान जिले का नाम फिर से भदोही कर दिया गया। अब योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर संत रविदास के नाम को जिले की पहचान के साथ जोड़ने की घोषणा की है।
1,340 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का ऐलान
मुख्यमंत्री ने नाम बदलने की घोषणा के साथ जिले के विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जिनकी कुल लागत 1,340 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
भदोही की पहचान प्रमुख रूप से कालीन उद्योग से जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जिले के कालीन उद्योग और यहां के कारीगरों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हुनर के साथ नई तकनीक और डिजाइन को जोड़कर कारीगरों और उद्योग को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
नाम बदलने की घोषणा के बाद क्या बदलेगा?
जिले के नाम में बदलाव के बाद प्रशासनिक स्तर पर सरकारी रिकॉर्ड, दस्तावेजों, साइनबोर्ड और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड में नए नाम को लागू करने की प्रक्रिया जरूरी होगी। हालांकि, मौजूदा घोषणा के बाद इसके प्रशासनिक क्रियान्वयन के लिए संबंधित औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जानी होगी।
भदोही का नाम पहले भी कई बार बदला जा चुका है। ऐसे में ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम की घोषणा जिले की प्रशासनिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है।
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