द लोकतंत्र/नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के समापन के बाद अब डिनर के मेन्यू को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। सम्मेलन में विदेशी मेहमानों के लिए परोसे गए शाकाहारी व्यंजनों को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर पलटवार किया है।
राहुल गांधी ने छोले भटूरे की तस्वीर शेयर की
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर छोले भटूरे की तस्वीर साझा करते हुए BRICS डिनर के मेन्यू पर अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि करीब 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी हैं और भारतीय मांसाहारी भोजन काफी स्वादिष्ट होता है। उन्होंने अपनी बहन के हाथों से बनाए छोले भटूरे का भी जिक्र किया। राहुल गांधी की इस टिप्पणी को BRICS सम्मेलन के डिनर में शाकाहारी भोजन को प्राथमिकता दिए जाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर किया पलटवार
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें खाने के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय BRICS प्रतिनिधिमंडल को अपने घर पर नॉन-वेजिटेरियन डिनर के लिए आमंत्रित करना चाहिए था। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर ‘डिनर पॉलिटिक्स’ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस मजबूती के साथ BRICS सम्मेलन का नेतृत्व किया, उस पर राहुल गांधी कुछ नहीं बोल सकते, इसलिए भोजन के मुद्दे को लेकर राजनीति की जा रही है।
BRICS डिनर में ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा
गिरिराज सिंह ने सरकार की ओर से मिलेट्स यानी ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा दिए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले G20 के दौरान भी देश के पारंपरिक व्यंजनों को विदेशी मेहमानों के सामने पेश किया था और BRICS सम्मेलन में भी श्री अन्न से तैयार व्यंजनों को मेन्यू में शामिल किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में घर आए मेहमानों को स्थानीय और पारंपरिक व्यंजन परोसने की परंपरा रही है। उनके मुताबिक BRICS प्रतिनिधियों के लिए भारतीय भोजन पेश करना इसी परंपरा का हिस्सा है।
डेलीगेट्स को घर बुलाकर खिलाते नॉन-वेज
गिरिराज सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी को नॉन-वेजिटेरियन भोजन इतना महत्वपूर्ण लगता है तो वह BRICS डेलीगेशन के सदस्यों को अपने घर आमंत्रित कर सकते थे। उन्होंने राहुल गांधी के उस कार्यक्रम का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री को अपने आवास पर आमंत्रित किया था। BRICS सम्मेलन के बाद डिनर मेन्यू को लेकर शुरू हुई यह बहस अब सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गई है। एक ओर कांग्रेस भोजन के विकल्पों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इसे भारतीय खान-पान और ‘श्री अन्न’ को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने से जोड़ रही है।




