द लोकतंत्र/ आज़मगढ़/ नीरज सिंह : Azamgarh में पत्रकारिता की आड़ में जमीन कब्जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। शहर कोतवाली क्षेत्र में एक पीड़ित ने कथित पत्रकार राहुल सिंह और उसके भाई अभिनव सिंह उर्फ बब्बू के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। शिकायत में दोनों पर मंदिर की जमीन समेत कई अन्य संपत्तियों पर कूटरचित दस्तावेज और गलत रजिस्ट्री के माध्यम से कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार, राहुल सिंह कथित तौर पर पत्रकारिता के प्रभाव का इस्तेमाल कर जमीनों पर अवैध कब्जे का प्रयास करता है। आरोप है कि उसने कुछ लोगों के साथ मिलकर कई भूखंडों की फर्जी या विवादित रजिस्ट्री कराई और इसके बाद उन जमीनों पर अपना अधिकार जताने लगा। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब जमीन पर कब्जे का विरोध किया गया तो आरोपी पक्ष की ओर से दबाव बनाया गया और मारपीट की धमकी दी गई।
वायरल वीडियो के आधार पर भी जांच में जुटी पुलिस
शिकायत के बाद आजमगढ़ शहर कोतवाली पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस वायरल वीडियो और पीड़ित की ओर से दी गई तहरीर को जांच का हिस्सा बनाकर पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जिन जमीनों पर कब्जे का आरोप लगाया गया है, उनकी वास्तविक स्थिति क्या है। साथ ही, रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज, भूमि के स्वामित्व और संबंधित पक्षों के बयानों की भी जांच की जा सकती है। यदि जांच में दस्तावेजों में हेरफेर या जबरन कब्जे की पुष्टि होती है, तो आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से भी मामले को गंभीरता से लिए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, अभी तक किसी आरोपी के खिलाफ आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस की ओर से अंतिम निष्कर्ष जारी किया गया है।
पहले भी कार्रवाई के आरोप, भाई पर भी गंभीर शिकायत
शिकायतकर्ता का दावा है कि यह जमीन विवाद से जुड़ा पहला मामला नहीं है। आरोप लगाया गया है कि राहुल सिंह के खिलाफ पहले भी धारा 107/16 के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इसके अलावा, उस पर पहले भी अवैध तरीके से जमीन कब्जाने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, इन पुराने मामलों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राहुल सिंह के भाई अभिनव सिंह उर्फ बब्बू को लेकर भी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित का आरोप है कि सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद वह नियमित रूप से स्कूल नहीं जाता और घर बैठे वेतन प्राप्त करता है। इसके अलावा, उस पर कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और जमीन कब्जाने में सहयोग करने का आरोप भी लगाया गया है।
फिलहाल, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की तहरीर पर आधारित हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किन धाराओं में कार्रवाई बनती है। पुलिस का कहना है कि जांच के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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