Advertisement Carousel
Politics

Tamil Nadu Politics: CM विजय पर टिप्पणी के बाद DMK नेताओं पर FIR, A Raja समेत 3 नेता घेरे में

Tamil Nadu Politics: FIR against DMK leaders following remarks on CM Vijay; three leaders, including A. Raja, face scrutiny.

द लोकतंत्र /Tamil Nadu : Tamil Nadu की राजनीति में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और डीएमके के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय की ओर से डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर की गई टिप्पणियों के विरोध में 12 सितंबर को डीएमके ने पूरे राज्य में प्रदर्शन किया था। अब इन प्रदर्शनों के दौरान मुख्यमंत्री विजय और राज्य सरकार के एक मंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में डीएमके के तीन नेताओं पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।

पुलिस कार्रवाई की जद में डीएमके सांसद A Raja, हार्बर विधायक पी.के. सेकरबाबू और रिशिवंधियम विधायक वसंतम के. कार्तिकेयन आए हैं। चेन्नई और कल्लाकुरिची में दर्ज अलग-अलग मामलों में नेताओं पर कथित तौर पर मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ अपमानजनक या मानहानिकारक टिप्पणी करने के आरोप लगाए गए हैं।

ए राजा पर क्या आरोप हैं?

रिपोर्टों के अनुसार चेन्नई में ए. राजा के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल, मानहानिकारक टिप्पणी और सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने से संबंधित आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। A. राजा ने प्रदर्शन के दौरान राज्य के कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसे विवाद के बाद उन्होंने वापस भी ले लिया।

वहीं, पी.के. सेकरबाबू के खिलाफ भी 12 सितंबर के प्रदर्शन के दौरान Tamil Nadu के मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर अलग मामला दर्ज किया गया है। कल्लाकुरिची में विधायक वसंतम के. कार्तिकेयन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की चार धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप के बाद शुरु हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत विधानसभा में Tamil Nadu के मुख्यमंत्री विजय के भाषण से हुई। विजय ने डीएमके के पिछले शासन पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए और पार्टी के ‘मिस्टर क्लीन’ दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने ईडी के दस्तावेजों और पुराने आरोपों का हवाला देते हुए एम.के. स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन को भी निशाने पर लिया। इन आरोपों को लेकर डीएमके ने विरोध जताया।

विधानसभा भाषण के दौरान विजय ने आपातकाल के समय एम.के. स्टालिन की MISA के तहत गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। इसी दौरान उनके एक हाथ के इशारे को डीएमके नेताओं ने स्टालिन की हिरासत के दौरान लगी चोट का मजाक उड़ाने के तौर पर देखा। हालांकि, इस इशारे की व्याख्या को लेकर विवाद रहा और विजय की ओर से स्पष्टीकरण भी सामने आया। इसके बाद डीएमके ने 12 सितंबर को तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने विजय की विधानसभा टिप्पणियों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान दिए गए भाषणों के बाद अब तीन डीएमके नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई है।

आमने-सामने TVK और DMK

इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री विजय की पार्टी TVK और विपक्षी डीएमके के बीच भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी राजनीतिक टकराव जारी है। विजय ने विधानसभा में पिछली डीएमके सरकार के कामकाज और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए, जबकि डीएमके ने इन आरोपों और मुख्यमंत्री की टिप्पणियों का विरोध किया।

इस तरह विधानसभा में शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब सड़क पर हुए विरोध प्रदर्शनों और पुलिस मामलों तक पहुंच गया है। ए. राजा, सेकरबाबू और कार्तिकेयन के खिलाफ दर्ज मामलों ने तमिलनाडु में सत्तारूढ़ TVK और विपक्षी डीएमके के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव को एक नया कानूनी आयाम दे दिया है।

यह भी पढ़े- UPI पर ₹2,000 तक कोई चार्ज नहीं, 96% लेनदेन सुरक्षित दायरे में

SUJIT SHARMA

SUJIT SHARMA

About Author

सुजीत शर्मा मास कम्युनिकेशन एवं जर्नलिज्म में गोल्ड मेडलिस्ट पोस्टग्रेजुएट और UGC-NET योग्य पत्रकार हैं। वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय राजनीति, समाचार लेखन, रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी प्रमुख विशेषता है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Rahul Gandhi
Politics

PM मोदी के बयान पर राहुल बोले – आप हमें जो चाहें बुलाएं, लेकिन हम INDIA हैं

द लोकतंत्र : पीएम मोदी ने विपक्षी दलों के गठबंधन का INDIA नाम रखने पर कहा कि विपक्ष का गठबंधन
Amit Shah in Parliament
Politics

अमित शाह ने मल्लिकार्जुन खरगे को चिट्ठी लिखकर मणिपुर पर चर्चा के लिए सहयोग माँगा

द लोकतंत्र : मणिपुर मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में गतिरोध जारी है। अमित शाह ने चिट्ठी लिखकर