द लोकतंत्र / राजनीति न्यूज़: Marathwada Drought को लेकर NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार से तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने प्रभावित किसानों को ₹50,000 प्रति हेक्टेयर और खेतिहर मजदूर परिवारों को ₹25,000 की सहायता देने की मांग की है। पवार ने यह मांग मराठवाड़ा के कई इलाकों में लंबे समय से बारिश नहीं होने और फसलों को हुए नुकसान के बाद की है।
लातूर समेत कई जिलों में फसल नुकसान का दावा
रोहित पवार ने किसानों से मुलाकात के बाद कहा कि लंबे समय तक बारिश नहीं होने से लातूर और मराठवाड़ा के अन्य हिस्सों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मराठवाड़ा में आठ जिले शामिल हैं। पवार के अनुसार, किसानों ने उन्हें बताया कि कई जगह फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि लातूर में सरकारी आंकड़ों के अनुसार बारिश में करीब 40 फीसदी कमी है, जबकि किसानों के आकलन के मुताबिक यह कमी करीब 60 फीसदी तक है। पवार ने सरकार से केवल जिला स्तर के आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय तहसील स्तर पर बारिश और फसल की स्थिति की जांच करने की मांग की है।
राहत पैकेज, फसल बीमा और चारे की मांग
पवार ने ₹50,000 प्रति हेक्टेयर की सीधी सहायता के अलावा किसानों को फसल बीमा का मुआवजा देने की मांग भी की है। उन्होंने पिछले साल की फसल क्षति के लिए लंबित सहायता जल्द जारी करने और कर्जमाफी से वंचित किसानों को राहत देने की मांग की।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में चारा शिविर शुरू करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि चारे की कमी बढ़ने पर किसानों को अपने पशु कम कीमत पर बेचने पड़ सकते हैं, जिससे उनकी आमदनी पर असर पड़ेगा। इसके अलावा पानी की कमी वाले गांवों में टैंकर भेजने और पशुओं के लिए पर्याप्त पानी व पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
पवार ने महाराष्ट्र सरकार से राज्य विधानसभा का विशेष सत्र पांच से छह दिनों के भीतर बुलाकर स्थिति पर चर्चा करने की मांग भी की है। इस बीच, राज्य के अधिकारियों के अनुसार मराठवाड़ा में 76 तहसीलों में कम बारिश और लंबे सूखे दौर के कारण फसलों के साथ चारे और पेयजल की समस्या की आशंका बनी हुई है।
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