द लोकतंत्र/उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी की कैराना सांसद Iqra Hasan” समाजवादी पार्टी की सांसद” ने महिलाओं के संघर्ष, लैंगिक असमानता और समाज की पितृसत्तात्मक सोच पर अपनी बात रखी। एक महिला संवाद कार्यक्रम में उन्होंने मुस्लिम महिला और OBC वर्ग से आने वाली जनप्रतिनिधि के तौर पर अपने अनुभव साझा किए। उनके बयान में महिलाओं को सामाजिक भेदभाव और रोजमर्रा की चुनौतियों का सामना करने का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।
‘मुस्लिम, महिला और OBC हूं -Iqra Hasan
संवाद कार्यक्रम के दौरान Iqra Hasan ने कहा कि मुस्लिम, महिला और OBC होने के कारण उन्हें भेदभाव और प्रताड़ना की कई परतों से गुजरना पड़ता है। उन्होंने महिलाओं के दैनिक संघर्ष का जिक्र करते हुए समाज में मौजूद असमानता और रूढ़िवादी सोच पर सवाल उठाए।
सांसद ने कहा कि पुरुषों के पहनावे और निजी जिंदगी को लेकर जिस तरह की बहस महिलाओं के मामले में होती है, वैसी बहस पुरुषों के लिए आम तौर पर नहीं होती। उन्होंने महिलाओं के चरित्र, कपड़ों, पहचान और वैवाहिक स्थिति को लेकर होने वाली टिप्पणियों को उनके आगे बढ़ने में बाधा बताया।
महिला जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासनिक व्यवहार पर सवाल
इकरा हसन ने प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं के प्रति रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई बार महिला जनप्रतिनिधि किसी अधिकारी को निर्देश देती हैं, लेकिन अधिकारी सीधे महिला से बात करने के बजाय किसी पुरुष अधिकारी या कर्मचारी की ओर देखकर जवाब देता है। उन्होंने इसे समाज में मौजूद पितृसत्तात्मक मानसिकता का उदाहरण बताया और महिलाओं को बराबरी का सम्मान देने की जरूरत पर जोर दिया।
सोशल मीडिया पर चर्चा में Iqra Hasan का बयान
महिलाओं के अधिकार, सामाजिक भेदभाव और लैंगिक समानता को लेकर दिए गए इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को नया विषय दिया है। Iqra Hasan के वक्तव्य में महिला जनप्रतिनिधियों के सामने आने वाली चुनौतियों और समाज में महिलाओं की भूमिका से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
सहारनपुर मस्जिद मामला, अखिलेश ने किया पोस्ट
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद को गिराए जाने की कार्रवाई के बाद वहां जाने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हाउस अरेस्ट (नजरबंद) किया गया था। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सांसद इकरा हसन के नजरबंद किए जाने से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए कार्रवाई की मांग की।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा की ‘भ्रष्टपुतली’ बन गई है और कहा कि भाजपा पर ‘नाइंसाफी के गुनाह में हिस्सेदार’ होने का आरोप लगाया। उन्होंने महिला सांसद के साथ कथित अभद्र व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि महिला आरक्षण की बात करने वाली भाजपा के शासन में यदि एक महिला सांसद के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर सवाल उठते हैं। अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि PDA शासन-प्रशासन की ‘जुल्म-ज्यादती’ से न रुकेगा और न झुकेगा।
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