द लोकतंत्र: बच्चों और किशोरों में Screen Time बढ़ने, लंबे समय तक बैठे रहने और गलत पोस्चर को लेकर फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने और मोबाइल देखते समय गर्दन नीचे रखने से गर्दन, पीठ और रीढ़ से जुड़ी परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि स्क्रीन टाइम को कमर दर्द का अकेला या निश्चित कारण नहीं माना जा सकता।
दिल्ली में विशेषज्ञों ने बताई समस्या
यह मुद्दा दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित World Physiotherapy Asia Western Pacific (WPAWP) Regional Conference 2026 में सामने आया। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स (IAP) के विशेषज्ञों ने बच्चों की बदलती जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों में कमी पर चर्चा की। सम्मेलन में भारत समेत 32 देशों के 10,000 से ज्यादा फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए।
IAP के अध्यक्ष और सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. संजीव के. झा ने कहा कि चिंता केवल इस बात को लेकर नहीं है कि बच्चा कितने घंटे स्क्रीन देखता है, बल्कि इस दौरान वह किस तरह बैठता है और शरीर को कितना हिलाता-डुलाता है, यह भी महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने और मोबाइल को नीचे की ओर देखकर इस्तेमाल करने से गर्दन और पीठ पर बार-बार दबाव पड़ सकता है।
रिसर्च में भी सामने आया कनेक्शन
विशेषज्ञों ने बताया कि कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में बच्चों और किशोरों के लंबे समय तक बैठे रहने और रीढ़ से जुड़े दर्द के बीच संबंध देखा गया है। एक समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में कम शारीरिक गतिविधि वाले व्यवहार और गर्दन के दर्द के बीच हल्का संबंध पाया गया। वहीं, 970 स्कूली बच्चों पर किए गए एक अध्ययन में स्क्रीन टाइम, पैसिव गेमिंग और सोशल मीडिया इस्तेमाल का गर्दन और कंधे के दर्द से संबंध देखा गया।
5 से 12 साल के बच्चों पर हुए एक अन्य अध्ययन में स्मार्टफोन इस्तेमाल के दौरान सिर और गर्दन की स्थिति में बदलाव देखा गया। खासतौर पर बैठकर फोन इस्तेमाल करने के समय गर्दन आगे झुकने की स्थिति सामने आई।
बच्चों के लिए जरूरी हैं Movement Breaks
WPAWP 2026 की आयोजन सचिव डॉ. रुचि वर्शनी ने कहा कि बच्चों को तकनीक से पूरी तरह दूर करना समाधान नहीं है। इसके बजाय उन्हें स्क्रीन इस्तेमाल करने के दौरान अपनी स्थिति बदलने, बीच-बीच में उठकर चलने और सही तरीके से बैठने की आदत सिखाई जानी चाहिए।
विशेषज्ञों ने माता-पिता और स्कूलों को स्क्रीन या पढ़ाई के बीच नियमित Movement Breaks, उम्र के अनुसार शारीरिक गतिविधि, सही कुर्सी और पोस्चर पर ध्यान देने की सलाह दी है। मोबाइल को लंबे समय तक गर्दन झुकाकर इस्तेमाल करने से बचने को भी कहा गया है। अगर बच्चे को बार-बार या लगातार दर्द हो रहा है, तो समय पर जांच कराने की सलाह दी गई है।
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