द लोकतंत्र/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को Ayodhya Solar City को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने अयोध्या में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि जो शहर पहले अंधेरे में रहता था, वह अब देश की नंबर-1 सोलर सिटी बन गया है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या के मौजूदा विकास की तुलना पुराने हालात से करते हुए सड़क, बिजली, सफाई और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का भी उल्लेख किया।
योगी बोले- पहले सड़क, बिजली और सफाई की थी कमी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में पहले बुनियादी सुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं थी। उनके मुताबिक, शहर में पर्याप्त सड़कें, बिजली और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने राम की पैड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पानी जमा रहता था और उसके कारण गंदगी की समस्या बनी रहती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ अयोध्या में इन व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए काम किया गया। उन्होंने शहर के सड़क नेटवर्क में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। योगी के अनुसार, जहां पहले संकरी सड़कें थीं, वहां अब कई जगहों पर चौड़ी और चार लेन वाली सड़कों का विकास किया गया है।
सरयू और शहर की सुविधाओं में बदलाव का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास को केवल सड़कों तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने शहर की साफ-सफाई और जल व्यवस्था में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। योगी ने सरयू नदी से जुड़ी व्यवस्थाओं की बात करते हुए कहा कि अयोध्या में कई स्तरों पर विकास का काम किया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले जिन बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, उनमें अब काफी बदलाव आया है। अयोध्या में सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के साथ शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी काम किया गया है। योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, अयोध्या का विकास केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। शहर में बुनियादी ढांचे के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में भी कई काम किए गए हैं।
अंधेरे से Solar City बनने का दावा
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या की ऊर्जा व्यवस्था में सौर ऊर्जा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जो अयोध्या कभी अंधेरे में रहती थी, वह आज देश की नंबर-1 Solar City बन गई है। उन्होंने इसे शहर में पिछले वर्षों में हुए व्यापक बदलाव का हिस्सा बताया।
अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पहले से उत्तर प्रदेश की Solar Energy Policy 2022 का हिस्सा रही है। राज्य की नीति में अयोध्या को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित करने और सरकारी भवनों, स्कूलों तथा अन्य संस्थानों में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने का प्रावधान है।
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