द लोकतंत्र/गोरखपुर: Samajwadi Party की Gorakhpur इकाई में शनिवार को प्रेस क्लब में हुई मारपीट की घटना की गूंज अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेताओं के बीच हुई हाथापाई और थप्पड़बाजी के मामले को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गंभीरता से लिया है। पार्टी ने अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई करते हुए गोरखपुर की पूरी जिला और महानगर कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
इसके साथ ही जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और पार्टी के सभी फ्रंटल संगठनों एवं विंग्स के पदाधिकारियों को भी उनके पदों से हटा दिया गया है। पार्टी नेतृत्व की इस कार्रवाई को गोरखपुर में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
Gorakhpur प्रेस क्लब में कुर्सी को लेकर शुरू हुआ विवाद
दरअसल, शनिवार दोपहर करीब 3 बजे सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने Gorakhpur प्रेस क्लब में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ अभियान को लेकर पत्रकार वार्ता बुलाई थी। यह अभियान 2 से 8 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसी दौरान गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट सेSamajwadi Party के टिकट के दावेदार अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ प्रेस क्लब पहुंचे।
सभागार में बैठने की जगह को लेकर उनकी पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से बहस हो गई। शुरुआत में मामला कहासुनी तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।
थप्पड़बाजी के बाद बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह पर नगीना साहनी को थप्पड़ मारने का आरोप है। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने किसी तरह बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। हालांकि, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया और मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया।
अवैध असलहे लहराने का भी आरोप
घटना के बाद Samajwadi Party के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी ने विरोधी पक्ष पर बदसलूकी के साथ-साथ अवैध असलहे लहराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, अंशुमान सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरी घटना को उनकी राजनीतिक छवि खराब करने की साजिश बताया है। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
वायरल वीडियो के बाद Samajwadi Party नेतृत्व ने लिया फैसला
प्रेस क्लब में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लिया। संगठन के भीतर अनुशासनहीनता के इस सार्वजनिक प्रदर्शन के बाद Samajwadi Party के मुखिया अखिलेश यादव ने Gorakhpur की जिला और महानगर इकाई समेत संबंधित फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों पर कार्रवाई का फैसला लिया।
Samajwadi Party के इस कदम से साफ है कि पार्टी नेतृत्व सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की अनुशासनहीनता को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। खासकर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को लेकर यह कार्रवाई Gorakhpur की स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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