द लोकतंत्र/बिजनेस न्यूज़: SEBI AI Guidelines को लेकर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) जल्द ही नए दिशानिर्देश जारी कर सकता है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने 10 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए नियम तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, डेरिवेटिव कारोबार में एक्सपायरी के दिन सेटलमेंट मूल्य तय करने से जुड़े नियमों पर भी करीब एक सप्ताह में दिशानिर्देश जारी किए जाने की उम्मीद है। नियामक का उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना, निवेशकों के हितों की रक्षा करना और तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित करना है।
AI और Machine Learning के इस्तेमाल पर बनेंगे नियम
SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे के मुताबिक, बाजार में AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इनके लिए स्पष्ट नियम बनाना जरूरी है। प्रस्तावित दिशानिर्देशों में जोखिम के स्तर के आधार पर अलग-अलग नियम लागू करने की व्यवस्था हो सकती है। इसके तहत कंपनियों और बाजार से जुड़े संस्थानों की जिम्मेदारी तय करने, डेटा की सुरक्षा और तकनीकी प्रणालियों की निगरानी पर जोर दिया जाएगा।
नए ढांचे में जरूरत पड़ने पर AI आधारित सिस्टम को तुरंत रोकने के लिए ‘किल स्विच’ और महत्वपूर्ण फैसलों में मानवीय निगरानी की व्यवस्था शामिल होगी। AI का इस्तेमाल बाजार की निगरानी, धोखाधड़ी की पहचान, जोखिम का आकलन और निवेशकों को सेवाएं देने में किया जा सकता है। हालांकि, गलत डेटा, पक्षपातपूर्ण नतीजों, साइबर सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े जोखिमों को देखते हुए नियामकीय नियंत्रण भी जरूरी हैं।
Expiry-Day Settlement Rules पर एक सप्ताह में फैसला
SEBI एक्सपायरी के दिन डेरिवेटिव कारोबार के सेटलमेंट मूल्य को लेकर उठी चिंताओं पर भी काम कर रहा है। पांडे ने बताया कि Closing Auction Session (CAS) से जुड़े प्रस्ताव पर बाजार के प्रतिभागियों से मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। नियामक को इस विषय पर 20,000 से अधिक टिप्पणियां मिली हैं और इन पर विचार करने के बाद करीब एक सप्ताह में दिशानिर्देश जारी करने की उम्मीद है।
डेरिवेटिव कारोबार में एक्सपायरी वह दिन होता है, जब किसी फ्यूचर या ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट की अवधि समाप्त होती है। उस दिन सेटलमेंट मूल्य का निर्धारण ट्रेडरों के लाभ और नुकसान पर असर डाल सकता है। इसलिए SEBI का प्रयास है कि मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी हो और बाजार में किसी तरह की अनुचित गतिविधि की आशंका कम हो।
विदेशी निवेशकों के लिए डिजिटल प्रक्रिया आसान करने की तैयारी
SEBI विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी विचार कर रहा है। इसमें भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों, जिनमें अनिवासी भारतीय भी शामिल हैं, के लिए डिजिटल ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया आसान करना शामिल है। इस प्रस्ताव पर नियामक को 400 से अधिक सुझाव मिले हैं।
इसके अलावा, SEBI ब्रोकरों के आकार, ग्राहकों की संख्या और तकनीकी निर्भरता के आधार पर अनुपालन नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाने पर विचार कर रहा है। नियामक का लक्ष्य छोटे और बड़े ब्रोकरों पर उनकी गतिविधियों तथा जोखिम के अनुरूप नियम लागू करना है।
बाजार में पारदर्शिता और निवेशक सुरक्षा पर जोर
पांडे ने बाजार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, साइबर सुरक्षा बढ़ाने और आपात स्थिति में कारोबार जारी रखने की क्षमता सुधारने पर भी जोर दिया। SEBI शेयर बाजार से जुड़े संस्थानों की तकनीकी व्यवस्था और जोखिम प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
नियामक निवेशकों के बीच वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों तक पहुंचने की योजना भी बना रहा है। इसमें ब्रोकरों और अन्य बाजार मध्यस्थों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। SEBI के अनुसार, भारतीय पूंजी बाजार का विकास केवल कारोबार बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें पारदर्शिता, मजबूत नियम और निवेशकों का भरोसा भी बनाए रखना जरूरी है।
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